हर साल की तरह इस बार भी दीपावली पर नीम करौली बाबा के कैंची धाम में विशेष सजावट की गई, लेकिन इस बार कुछ अलग था — वातावरण में भक्ति का उजाला और मन को छू लेने वाली शांति एक साथ फैली हुई थी।
🎇 मंदिर प्रांगण में दीपों की छटा
दीपावली के दिन जैसे ही सूरज अस्त हुआ, वैसे ही पूरा कैंची धाम हज़ारों दीयों की रौशनी में जगमगा उठा। मंदिर की दीवारों, सीढ़ियों और गलियारों में दीपों की कतारें किसी जीवंत माला की तरह दिख रही थीं।
मंदिर की मुख्य आरती के दौरान जब शंख और घंटियों की ध्वनि गूंज उठी, तो श्रद्धालुओं की आंखों में आस्था की चमक और दिलों में बाबा नीम करौली महाराज की कृपा की भावना साफ दिखाई दे रही थी।
🕯️ भक्तों का सैलाब
देश-विदेश से आए हजारों श्रद्धालु इस मौके पर धाम पहुंचे। कई भक्तों ने बताया कि उन्होंने इस बार की दीपावली खासतौर पर कैंची धाम में मनाने का संकल्प लिया था।
एक भक्त का कहना था:
“इस स्थान पर दीपावली मनाना आत्मा को सुकून देने वाला अनुभव है। यहाँ की ऊर्जा कुछ अलग ही होती है।”
📸 सजावट और भक्ति का संगम
धाम को फूलों, रंग-बिरंगी लाइट्स और पारंपरिक कलाकृतियों से सजाया गया था। मंदिर ट्रस्ट की ओर से विशेष लंगर का आयोजन भी किया गया जिसमें हजारों लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया।
🌌 आध्यात्म और प्रकृति का संगम
कैंची धाम की खूबसूरती वैसे भी अपने आप में अद्वितीय है, लेकिन दीपावली की रात को जब आकाश में पटाखों की गूंज और मंदिर में मंत्रों की ध्वनि एक साथ गूंजती है, तो लगता है जैसे धरती पर स्वर्ग उतर आया हो।







