उत्तराखंड में भाई दूज का उल्लास: पर्व-परंपरा और लोकरंग

उत्तराखंड की वादियों में भाई–बहन के प्रेम का प्रतीक भाई दूज विशेष रूप से धूम-धाम से मनाया जाता है। इस पर्व में राज्य के ग्रामीण व शहरी दोनों इलाकों की अपनी-अपनी लोकपरंपराएँ झलकती हैं। यहाँ प्रस्तुत है उस उत्सव-संदर्भ की एक संक्षिप्त लेकिन गहरी झलक —

🎉 पर्व की तैयारियाँ

  • कुमाऊँ और गढ़वाल दोनों ही हिस्सों में भाई दूज से पूर्व-पूर्व ही चहल-पहल शुरू हो जाती है। हल्द्वानी जैसे शहरों में बहनें अपने भाइयों के घरों तक पहुँचने के लिए बस-एयरपोर्ट आदि से सुबह-सुबह निकल पड़ती हैं।  
  • बाजारों में मिठाइयाँ, उपहार, तिलक-सामग्री की खरीदारी बढ़ जाती है। देहरादून के पॉल्टन बाज़ार एवं झण्डा बाज़ार में इस उत्सव के मद्देनज़र मिठाई-दुकानों में भारी भीड़ देखी गई।  

🕯️ लोकपरंपराएँ और रीति-रिवाज

  • उत्तराखंड में भाई दूज को अक्सर “दुत्ती त्यार” नाम से भी जाना जाता है, खासकर कुमाऊँ में।  
  • ग्रामीण क्षेत्रों में परंपरागत रूप से धान भिगोने, आग में भूने जाने और ओखल-मंगल में कूटे जाने वाले च्यूड़े की रस्म आज भी जिंदा है। बहनें इन च्यूड़ों से भाई के सिर पर पूजन कर उनकी दीर्घायु की कामना करती हैं।  
  • हल्द्वानी में इस त्योहार के अवसर पर “च्यूड़े और खील” से भाई के सिर का पूजन किया गया।  
  • बड़े-बड़े शहरों में भी यही परंपरा जारी है: बहनें भाई को तिलक लगाती हैं, आरती करती हैं, भाई को मिठाई और उपहार देती है, वहीं भाई बहन की रक्षा का संकल्प लेता है।  

🏔️ राज्य-विशिष्ट रंग

  • पहाड़ी इलाकों में पर्व का स्वरूप कुछ अलग है — बसें व ट्रेनों में भारी भीड़ रहती है क्योंकि बहन-भाई मिलने के लिए एक-दूसरे के घर जाते हैं।  
  • लेखा यह भी मिलता है कि २३ अक्टूबर २०२५ को उत्तराखंड में भाई दूज पर राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी अपने माता-बहनों के साथ तिलक लगवाकर इस पर्व को मनाए।  

📝 सामाजिक-संस्कृतिक महत्व

  • यह पर्व भाई-बहन के बीच प्रेम, सम्मान और सुरक्षा-भावना को सशक्त बनाता है।
  • पर्व के दौरान गांव-शहर में लोकपरंपराएँ — जैसे च्यूड़े-कूटना, तिलक-पूजन, उपहार-विमान आदि — युवाओं को अपनी जड़ों से जोड़ती हैं।
  • उत्तराखंड में पर्व का यह स्वरूप दिखाता है कि आधुनिक-शहरी वातावरण में भी पारंपरिक रस्में जीवंत हैं।

✅ निष्कर्ष

उत्तराखंड में भाई दूज सिर्फ एक त्योहार नहीं, बल्कि भाई-बहन के रिश्ते को सराहने, पुरानी परंपराओं को आगे ले जाने और समाज में सामंजस्य बनाने का अवसर है। चाहे हल्द्वानी का च्यूड़े-पूजन हो, देहरादून का बाजार उत्साह या गांवों की सुबह-संध्या में बहनों का भाई के घर जाना — सब मिलकर इस पर्व को खास बनाते हैं।

Related Posts

हल्द्वानी में कैबिनेट मंत्री राम सिंह कैड़ा का भव्य स्वागत, कार्यकर्ताओं में दिखा उत्साह

हल्द्वानी: नैनीताल जिले के हल्द्वानी में कैबिनेट मंत्री बनने के बाद पहली बार पहुंचे राम सिंह कैड़ा का जोरदार और भव्य स्वागत किया गया। पार्टी कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों ने…

थराली में दर्दनाक हादसा: घास लेने गई महिला पर गिरा बोल्डर, अस्पताल पहुंचने से पहले मौत

थराली: चमोली जिले के थराली क्षेत्र में एक दर्दनाक हादसे में घास लेने जंगल गई महिला की मौत हो गई। पहाड़ी से अचानक गिरे भारी पत्थर (बोल्डर) की चपेट में…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You Missed

हल्द्वानी में कैबिनेट मंत्री राम सिंह कैड़ा का भव्य स्वागत, कार्यकर्ताओं में दिखा उत्साह

  • By Admin
  • March 27, 2026
  • 1 views
हल्द्वानी में कैबिनेट मंत्री राम सिंह कैड़ा का भव्य स्वागत, कार्यकर्ताओं में दिखा उत्साह

थराली में दर्दनाक हादसा: घास लेने गई महिला पर गिरा बोल्डर, अस्पताल पहुंचने से पहले मौत

  • By Admin
  • March 26, 2026
  • 7 views
थराली में दर्दनाक हादसा: घास लेने गई महिला पर गिरा बोल्डर, अस्पताल पहुंचने से पहले मौत

गैस वितरण के दौरान चालक पर हमला, बेरीनाग में बढ़ा तनाव; कर्मियों ने मांगी पुलिस सुरक्षा

  • By Admin
  • March 26, 2026
  • 4 views
गैस वितरण के दौरान चालक पर हमला, बेरीनाग में बढ़ा तनाव; कर्मियों ने मांगी पुलिस सुरक्षा

शिवालिक नगर में चेन स्नैचिंग का खुलासा, यूपी का गैंगस्टर गिरफ्तार, साथी फरार

  • By Admin
  • March 26, 2026
  • 4 views
शिवालिक नगर में चेन स्नैचिंग का खुलासा, यूपी का गैंगस्टर गिरफ्तार, साथी फरार

केदारनाथ यात्रा से पहले बदहाल सड़कें बनी चिंता, गौरीकुंड हाईवे पर जाम का खतरा ।

  • By Admin
  • March 25, 2026
  • 8 views
केदारनाथ यात्रा से पहले बदहाल सड़कें बनी चिंता, गौरीकुंड हाईवे पर जाम का खतरा ।

2027 कुंभ की तैयारी तेज: हरिद्वार में 50 करोड़ से मेला नियंत्रण भवन का होगा विस्तार

  • By Admin
  • March 25, 2026
  • 2 views
2027 कुंभ की तैयारी तेज: हरिद्वार में 50 करोड़ से मेला नियंत्रण भवन का होगा विस्तार