देहरादून। उत्तराखंड राज्य गठन के 25 वर्ष पूरे होने पर रजत जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित आयोजनों के क्रम में आज सबसे महत्वपूर्ण कार्यक्रम — रैतिक परेड का पुलिस लाइन मैदान में भव्य आयोजन हुआ। इस अवसर पर पुलिस फोर्स के जवानों और अधिकारियों ने अदम्य साहस, पराक्रम और उच्च स्तर के अनुशासन का शानदार प्रदर्शन करते हुए सभी का मन मोह लिया।
पुलिस बल से जुड़े कर्मियों ने कदम से कदम मिलाकर शानदार परेड प्रस्तुत की। पुलिस लाइन में उपस्थित दर्शकों ने जवानों के पराक्रम और अनुशासन की जमकर सराहना की। विभिन्न टुकड़ियों द्वारा राज्य की सुरक्षा प्रणाली, प्रतिबद्धता और गौरवशाली इतिहास की झलक भी देखने को मिली।
पुलिस अधिकारियों-कर्मियों व विभूतियों को किया गया सम्मानित
कार्यक्रम में तमाम महान विभूतियों को भी सम्मानित किया गया। विभिन्न क्षेत्रों में सराहनीय कार्यों के लिए विभूतियों को उत्तराखंड गौरव पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
- प्रसिद्ध अंतरराष्ट्रीय निशानेबाज जसपाल राणा को सम्मानित किया गया।
- उद्यमी देव रतूड़ी को भी उत्तराखंड गौरव पुरस्कार दिया गया।
- स्वर्गीय टॉम आल्टर को मरणोपरांत उत्तराखंड गौरव पुरस्कार से सम्मानित किया गया, उनके बेटे जिमी आल्टर ने यह सम्मान ग्रहण किया।
- स्वर्गीय सुशीला कॉलोनी, स्वर्गीय गौरा देवी, भूवैज्ञानिक स्वर्गीय प्रणव वल्दिया, स्वर्गीय तीलू रौतेली और स्वर्गीय शैलेश मटियानी को भी मरणोपरांत उत्तराखंड गौरव पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
इसके अतिरिक्त सराहनीय सेवा पदक से कई पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को भी सम्मानित किया गया।
दो दिन पहले ही आयोजित हुई परेड
आमतौर पर राज्य स्थापना दिवस यानी 9 नवंबर को रैतिक परेड आयोजित की जाती है, लेकिन इस बार रजत जयंती वर्ष के चलते नवंबर के प्रथम सप्ताह में ही कार्यक्रमों की श्रृंखला शुरू की गई है। इसी कारण परेड का आयोजन दो दिन पहले ही किया गया।
कार्यक्रम ने न केवल उत्तराखंड पुलिस की क्षमता और अनुशासन की भव्य झलक प्रस्तुत की, बल्कि राज्य के विकास में योगदान देने वाले महान व्यक्तित्वों को सम्मान देकर रजत जयंती वर्ष को अत्यंत यादगार बना दिया।







