उत्तराखंड राज्य स्थापना दिवस का मुख्य कार्यक्रम
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज उत्तराखंड के राज्य स्थापना दिवस के मुख्य समारोह में शामिल होने देहरादून पहुंचे। इस मौके पर उन्होंने राज्यवासियों को बधाई दी और धामी सरकार की नीतियों व उपलब्धियों की जमकर तारीफ की।
पीएम मोदी ने कहा कि धामी सरकार ने धर्मांतरण विरोधी कानून और दंगा नियंत्रण कानून जैसे राष्ट्रहित के मुद्दों पर साहसिक निर्णय लिए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि उत्तराखंड में जमीन कब्जाने और डेमोग्राफी चेंज जैसे संवेदनशील विषयों पर भी सरकार ने कड़ी कार्रवाई की है।
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) का उल्लेख करते हुए कहा—उत्तराखंड में UCC को लागू करने की गंभीरता और दूरदृष्टि अन्य राज्यों के लिए उदाहरण है।
प्रधानमंत्री मोदी ने राज्य के 25 वर्षीय सफर पर बात करते हुए कहा—
जब उत्तराखंड बना था, तब संसाधन, बजट और आय के साधन सीमित थे। लेकिन आज तस्वीर बदल चुकी है। अब जरूरत है राज्य की छिपी संभावनाओं पर फोकस करने की।
किसानों के हित में की जा रही पहल पर बात करते हुए उन्होंने कहा—
उत्तराखण्ड सरकार सेब और कीवी किसानों को डिजिटल करेंसी में अनुदान देने की शुरुआत कर रही है। इससे आर्थिक सहायता की ट्रैकिंग और भी आसान होगी। इसके लिए मैं राज्य सरकार, RBI और सभी हितधारकों की सराहना करता हूं।
प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि—
उत्तराखंड में ₹2 लाख करोड़ से अधिक की विकास परियोजनाएं चल रही हैं। देहरादून-दिल्ली एक्सप्रेसवे लगभग पूरा हो चुका है और गोविंदघाट रोपवे का शिलान्यास भी किया जा चुका है। ये परियोजनाएं राज्य के विकास को नई रफ्तार देंगी।
अपने संदेश में आगे उन्होंने कहा—
इंफ्रास्ट्रक्चर, शिक्षा, उद्योग, पर्यटन, स्वास्थ्य, पावर और ग्रामीण विकास सहित कई क्षेत्रों में उत्तराखंड तेजी से आगे बढ़ रहा है। केंद्र सरकार हमेशा उत्तराखंड के साथ खड़ी है और भविष्य में भी सहयोग जारी रहेगा। मैं उत्तराखंड के हर नागरिक के उज्ज्वल भविष्य की कामना करता हूं।
प्रधानमंत्री का यह संबोधन राज्य के सतत विकास और आत्मनिर्भर उत्तराखंड की दिशा में एक महत्वपूर्ण संदेश के रूप में देखा जा रहा है।







