देहरादून से खबर है कि कांग्रेस हाईकमान ने राज्य में संगठन को नए सिरे से सक्रिय करने के लिए एक बड़ा बदलाव किया है। गणेश गोदियाल को दोबारा प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त करने के साथ ही, 12 जिलों और 15 शहरों के अध्यक्षों को भी बदला गया है।
क्यों अहम है यह फैसला
- यह बदलाव पार्टी की जमीनी सक्रियता और भाईचारे को मजबूती देने की दिशा में लिया गया माना जा रहा है।
- बूथ-स्तर से लेकर शहर-स्तर तक अध्यक्ष बदलने का मतलब है कि पार्टी आगामी चुनावों और संगठनात्मक गहरी समीक्षा के लिए तैयारी कर रही है।
- बदलाव में कुछ पुराने अध्यक्षों को दोबारा जिम्मेदारी दी गई है, वहीं कई जगह नए चेहरों को मौका मिला है — यह संकेत करता है कि बदलाव सिर्फ नाम बदलने तक सीमित नहीं है, बल्कि रणनीतिक है।
लिस्ट की झलक
पूरा विवरण अभी सार्वजनिक रूप से पूरी तरह उपलब्ध नहीं हुआ है, लेकिन मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक जिन जिलों/शहरों में बदलाव हुआ है उनमें ये शामिल हैं:
- जिले: नैनीताल (राहुल छिमवाल) , हल्द्वानी महानगर (गोविंद सिंह बिष्ट) , बागेश्वर, पिथौरागढ़, चम्पावत आदि।
- शहर: कुछ प्रमुख शहरों में नए महानगर अध्यक्ष बनाए गए हैं — उदाहरण के लिए रुद्रपुर शहर में ममता रानी, काशीपुर में अल्का पाल।
क्या कहना है पार्टी का
पार्टी हाईकमान ने जारी बयान में कहा है कि यह “संगठन निर्माण अभियान” का हिस्सा है — जहाँ नियुक्त अध्यक्षों को तुरंत ब्लॉक और मंडल स्तर पर सक्रिय होना, सदस्यता अभियान चलाना और पार्टी-कार्य को गति देना निर्देशित किया गया है।
अगले कदम
- नए अध्यक्षों को निर्देश दिए गए हैं कि वे जल्द-से-जल्द अपने अधीन आने वाले क्षेत्रों में संगठनात्मक बैठकें कर कार्ययोजना तैयार करें।
- आगामी समय में ब्लॉक-लेवल और मंडल-लेवल अध्यक्षों की नियुक्ति भी हो सकती है ताकि पार्टी की जमीनी पकड़ और मजबूत हो सके।
- यह बदलाव पार्टी के लिए संकट मोड़ हो सकता है — आगामी विधानसभा चुनावों से पहले संगठन को फिर से सक्रिय करना चुनौती है।







