विश्व चैंपियन भारतीय महिला कबड्डी टीम की कप्तान रितु नेगी मंगलवार को अपने परिवार के साथ महासू मंदिर, हनोल पहुंचीं। उन्होंने मंदिर में पूजा-अर्चना कर अपने परिवार के लिए सुख-समृद्धि की कामना की। इस दौरान मंदिर समिति ने रितु नेगी को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया।
कुल आराध्य महासू देवता के दरबार में रितु नेगी
हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले के शिलाई प्रखंड के शरोग गांव की रहने वाली रितु नेगी, अपने कुल आराध्य महासू देवता के दर्शनों के लिए परिवार संग हनोल मंदिर पहुंची थीं। पूजा अर्चना के बाद स्थानीय लोगों ने उनका पारम्परिक तरीके से भव्य स्वागत किया, जिससे रितु नेगी काफी खुश नजर आईं।
रितु नेगी ने इस दौरान बताया कि विश्व कप के फाइनल मुकाबले के दौरान उनके दाएं हाथ में चोट लगी थी और वह इस चोट से उबर रही हैं।
सीमित संसाधनों के बावजूद विश्व चैंपियन
रितु नेगी के नेतृत्व में भारतीय महिला कबड्डी टीम ने हाल ही में शानदार प्रदर्शन करते हुए दूसरी बार विश्व चैंपियन का खिताब जीता है। यह विश्व कप नवम्बर में बांग्लादेश के ढाका में आयोजित हुआ था, जहां भारतीय टीम ने विश्व कप 2025 का खिताब अपने नाम किया। इससे पहले भारतीय टीम ने साल 2012 में पटना में ईरान को हराकर विश्व कप जीता था।
रितु नेगी ने अपनी सफलता का श्रेय कड़ी मेहनत और संघर्ष को दिया। उन्होंने कहा कि:
“पहाड़ में सीमित संसाधनों के बावजूद भी प्रतिभाशाली बेटियाँ राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपना नाम रोशन कर रही हैं। पहले कबड्डी को पुरुषों का खेल माना जाता था, लेकिन अब देश की बेटियों ने विश्व चैंपियन बनकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है।”
बेटियों को दिया सफलता का मंत्र
रितु नेगी ने देश की बेटियों को प्रेरित करते हुए एक महत्वपूर्ण संदेश भी दिया। उन्होंने कहा कि बेटियों को पढ़ाई के साथ-साथ जीवन का लक्ष्य निर्धारित करना चाहिए। उन्होंने दोहराया कि कड़ी मेहनत और संघर्ष से ही जीवन में सफलता अर्जित की जा सकती है।
मंदिर समिति ने किया सम्मान
इस मौके पर रितु नेगी के पिता भगवान सिंह नेगी, माता पूर्णिमा, भारतीय रेलवे कबड्डी टीम के खिलाड़ी पिंकी राय, मंदिर समिति के प्रबंधक नरेंद्र नौटियाल और सहायक प्रबंधक विक्रम सिंह सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। मंदिर समिति के पदाधिकारियों ने इस अवसर पर रितु नेगी को स्मृति चिन्ह भेंट कर उनका सम्मान किया।







