हरिद्वार में दो अलग-अलग धोखाधड़ी मामलों में फरार चल रहे आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। कोतवाली ज्वालापुर क्षेत्र में दर्ज एक बहुचर्चित प्रकरण में 50 हजार रुपये के इनामी आरोपी को सीबीसीआईडी की टीम ने महाराष्ट्र से दबोचा, जबकि नगर कोतवाली पुलिस ने 15 साल से फरार एक अन्य आरोपी को यूपी से गिरफ्तार किया है। दोनों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किए जाने के बाद जेल भेज दिया गया है।
महाराष्ट्र से पकड़ा गया 50 हजार का इनामी आरोपी
पुलिस के मुताबिक ज्वालापुर कोतवाली में आरोपी अनिल कुमार तिवारी, निवासी ए-1597 एलआईजी आवास विकास कॉलोनी, हंसपुरम, थाना नौबस्ता, कानपुर (उ.प्र.) के खिलाफ गंभीर आरोपों में मुकदमा दर्ज था। आरोपी ने चिट्स एंड फंड के नाम पर कई लोगों से लाखों रुपये की धोखाधड़ी की थी और लंबे समय से फरार चल रहा था। उसकी गिरफ्तारी पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित था।
उसकी तलाश में उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड समेत कई राज्यों में दबिश दी जा रही थी। इसी सिलसिले में सीबीसीआईडी की टीम को 7 दिसंबर 2025 को महत्वपूर्ण सफलता मिली, जब महाराष्ट्र के ठाणे जिले के टीटवाला ईस्ट स्थित फ्लैट नंबर 205, बिल्डिंग नंबर-02, रिजेन्सी सर्वम से आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया। कार्रवाई में स्थानीय पुलिस ने भी सहयोग किया।
गिरफ्तारी के बाद आरोपी को ट्रांजिट रिमांड पर हरिद्वार लाया गया और 9 दिसंबर को ज्वालापुर कोतवाली में दाखिल किया गया। कोतवाली प्रभारी कुंदन सिंह राणा ने बताया कि आरोपी को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया है। आरोपी की गिरफ्तारी करने वाली टीम में सीबीसीआईडी के निरीक्षक वेदप्रकाश थपलियाल, अपर उप निरीक्षक सुरेश स्नेही, सिपाही कर्मवीर सिंह और मनोज कुमार शामिल रहे।
15 साल से फरार आरोपी भी पकड़ाया
वहीं दूसरी ओर हरिद्वार नगर कोतवाली पुलिस ने 15 साल से फरार चल रहे एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी गौतम कुमार, निवासी प्रतापगंज (उ.प्र.), धोखाधड़ी के मामले में वांछित चल रहा था। पुलिस के अनुसार आरोपी के खिलाफ वर्ष 2009 में न्यायालय से गैर जमानती वारंट जारी हुआ था, लेकिन वह लगातार अलग-अलग राज्यों में ठिकाने बदलकर गिरफ्तारी से बचता रहा।
9 दिसंबर को पुलिस टीम ने चंदनपुर रहटा, अमरोहा (उ.प्र.) में दबिश देकर गौतम कुमार को पकड़ लिया। नगर कोतवाली प्रभारी रितेश शाह ने बताया कि आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है।
दोनों गिरफ्तारियां पुलिस की लगातार निगरानी और रणनीति का नतीजा बताई जा रही हैं।







