रुद्रप्रयाग। दिसंबर का आधा माह से अधिक समय बीत जाने के बावजूद विश्व प्रसिद्ध केदारनाथ धाम में अब तक बर्फबारी नहीं हुई है। नवंबर के बाद से धाम में बर्फ नहीं गिरी है, जिससे केदारनाथ धाम बर्फ विहीन बना हुआ है। आमतौर पर इस समय तक धाम में पांच फीट से अधिक बर्फ जम जाती थी और सभी गतिविधियां ठप हो जाती थीं, लेकिन इस वर्ष स्थिति अलग है। बर्फ न गिरने के कारण धाम में द्वितीय चरण के पुनर्निर्माण कार्य लगातार जारी हैं।
कपाट बंद होने के बाद भी केदारनाथ धाम में मजदूरों की आवाजाही बनी हुई है। वर्तमान में धाम में करीब डेढ़ सौ मजदूर कार्यरत हैं, जो कड़ाके की ठंड में प्रतिदिन पांच से छह घंटे तक ही काम कर पा रहे हैं। अत्यधिक ठंड के चलते सीमेंट से जुड़े कार्य नहीं हो पा रहे हैं। धाम में सुबह करीब दस बजे के बाद धूप निकलती है, जिससे कुछ राहत मिलती है।
लोक निर्माण विभाग (लोनिवि) गुप्तकाशी के अधिशासी अभियंता राजविंद सिंह ने बताया कि केदारनाथ धाम में रात के समय तापमान माइनस 10 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच रहा है, जिससे मजदूरों को काफी दिक्कतें हो रही हैं। वर्तमान में धाम में पेयजल और बिजली लाइनों के अंडरग्राउंड कार्य किए जा रहे हैं। इसके अलावा वर्ष 2013 की आपदा में ध्वस्त हुए रामबाड़ा–गरूड़चट्टी पैदल मार्ग के पुनर्निर्माण का कार्य भी तेजी से चल रहा है। इस मार्ग पर करीब 80 श्रमिक लगे हुए हैं और रैलिंग का कार्य जारी है। इसके पूर्ण होने पर वर्ष 2026 की यात्रा में श्रद्धालुओं को पुराने पैदल मार्ग से भी सुगम आवागमन की सुविधा मिलेगी।
विशालकाय पत्थरों पर उकेरी जा रही हैं कलाकृतियां
चौराबाड़ी से आई 2013 की आपदा के दौरान केदारपुरी में पहुंचे विशालकाय बोल्डरों का अब रचनात्मक उपयोग किया जा रहा है। इन बड़े-बड़े पत्थरों पर विभिन्न धार्मिक और सांस्कृतिक कलाकृतियां उकेरी जा रही हैं। बोल्डरों पर केदारनाथ मंदिर, गौ माता, भगवान गणेश, भगवान शिव, विष्णु, लक्ष्मी, सरस्वती, पार्वती, कार्तिकेय सहित ऋषि-मुनियों के चित्र बनाए जा रहे हैं। इनमें देवी-देवताओं के विभिन्न आसन दर्शाए गए हैं। साथ ही पंच पांडव और पशु-पक्षियों की आकृतियां भी बेहद आकर्षक ढंग से उकेरी गई हैं, जिससे केदारपुरी की भव्यता और आध्यात्मिक आभा और अधिक बढ़ रही है।
जिलाधिकारी प्रतीक जैन ने बताया कि नवंबर के बाद से धाम में बर्फ नहीं गिरी है, जिसके चलते पुनर्निर्माण कार्य लगातार जारी हैं और मौसम साफ रहने तक इन्हें जारी रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि केदारनाथ मंदिर के पीछे स्थित बोल्डरों पर बनाई जा रही ये कलाकृतियां दर्शन के बाद श्रद्धालुओं को विशेष रूप से आकर्षित कर रही हैं। आगामी यात्रा सीजन में तीर्थयात्रियों को केदारपुरी में कई बोल्डरों पर उकेरी गई ये कलाकृतियां देखने को मिलेंगी, जो धाम की सुंदरता और आध्यात्मिक अनुभव को और समृद्ध करेंगी।







