खटीमा। उधम सिंह नगर जिले के खटीमा में 12 दिसंबर को हुए चर्चित तुषार हत्याकांड में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने इस मामले में फरार चल रहे चौथे आरोपी मोहम्मद सद्दीक उर्फ पप्पू चाय वाले (उम्र 59 वर्ष) को भी गिरफ्तार कर लिया है। इससे पहले इस हत्याकांड के मुख्य आरोपी हाशिम समेत तीन आरोपियों को पुलिस जेल भेज चुकी है।
गौरतलब है कि मुख्य आरोपी हाशिम को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया था। मुठभेड़ के दौरान हाशिम के पैर में पुलिस की गोली लगी थी, जिसके बाद उसे उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। इलाज के बाद उसे न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया।
पुरानी रंजिश में चले चाकू
एसपी सिटी उत्तम सिंह नेगी ने पूरे मामले की जानकारी देते हुए बताया कि आरोपी मोहम्मद सद्दीक उर्फ पप्पू चाय वाले को पुलिस टीम ने खेतलसंडा खाम रेलवे क्रॉसिंग के पास से गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, 12 दिसंबर की रात खटीमा बस अड्डे के पास दो गुटों के बीच पहले कहासुनी हुई, जो कुछ ही देर में हिंसक झगड़े में बदल गई।
इस दौरान दोनों पक्षों के बीच जमकर मारपीट हुई और चाकूबाजी भी की गई। चाकू लगने से तुषार शर्मा के अलावा दो अन्य युवक भी घायल हुए थे। सभी घायलों को तत्काल पास के अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने तुषार शर्मा को मृत घोषित कर दिया, जबकि अन्य घायलों का इलाज जारी है।
पिता की तहरीर पर दर्ज हुआ मुकदमा
इस मामले में मृतक तुषार शर्मा के पिता मनोज शर्मा की ओर से पुलिस को नामजद तहरीर दी गई थी। तहरीर के आधार पर पुलिस ने मुख्य आरोपी हाशिम के अलावा गुफरान, समीर, मोहम्मद सद्दीक उर्फ पप्पू चाय वाला सहित अन्य आरोपियों के खिलाफ हत्या समेत अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था।
घटना के बाद शहर में तनाव, धारा 163 लागू
तुषार शर्मा की हत्या के बाद खटीमा शहर का माहौल तनावपूर्ण हो गया था। आक्रोशित भीड़ ने आरोपियों की दुकान में आग लगाने के साथ कुछ वाहनों में तोड़फोड़ भी की थी। हालांकि पुलिस ने समय रहते हालात पर काबू पा लिया और स्थिति को नियंत्रण में किया। एहतियातन शहर में धारा 163 लागू की गई थी।
पुलिस की कार्रवाई जारी
गुरुवार 18 दिसंबर को पुलिस ने इस मामले में चौथे मुख्य सह-आरोपी मोहम्मद सद्दीक उर्फ पप्पू चाय वाले को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि मामले में शामिल अन्य फरार आरोपियों की तलाश लगातार की जा रही है। इसके साथ ही पुलिस-प्रशासन द्वारा आरोपियों की चल-अचल संपत्तियों की भी जांच की जा रही है।
पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि कानून व्यवस्था बिगाड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।







