पहाड़ों की रानी मसूरी एक बार फिर रंग-बिरंगे उत्सव और सांस्कृतिक उल्लास के लिए पूरी तरह तैयार है। विश्व विख्यात विंटर लाइन कार्निवाल का शुभारंभ इस वर्ष 24 दिसंबर 2025 से होगा, जो 30 दिसंबर 2025 तक चलेगा। सात दिनों तक चलने वाला यह भव्य आयोजन इस बार खास रहेगा, क्योंकि इसे उत्तराखंड राज्य की रजत जयंती और उत्तराखंड आंदोलन के प्रणेता इंद्रमणि बडोनी की 100वीं जयंती को समर्पित किया गया है।
कार्निवाल की तैयारियों को लेकर एसडीएम मसूरी राहुल आनंद और नगर पालिका अध्यक्ष मीरा सकलानी ने संयुक्त रूप से कार्यक्रम का ब्रॉशर लॉन्च किया और आयोजन की विस्तृत रूपरेखा साझा की। उन्होंने बताया कि इस वर्ष स्थानीय संस्कृति, पर्यटन और जनसहभागिता पर विशेष जोर दिया गया है।
इस बार कार्निवाल में 95 प्रतिशत कलाकार उत्तराखंड के स्थानीय होंगे, जो लोक संगीत, लोक नृत्य और पारंपरिक प्रस्तुतियों के माध्यम से प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को मंच पर उतारेंगे।
कार्निवाल के दौरान शोभा यात्रा, सांस्कृतिक संध्याएं, पहाड़ी व्यंजनों का फूड फेस्टिवल, मोटर बाइक रैली, मैराथन, स्टार गेजिंग और हेरिटेज वॉक जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। बॉलीवुड नाइट, हिमाचल और भोजपुरी कलाकारों की प्रस्तुतियों के साथ-साथ सूफी संगीत और कव्वाली की खास महफिलें भी दर्शकों को आकर्षित करेंगी।
बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी आयु वर्ग को ध्यान में रखते हुए मॉल रोड, लंढौर, जॉर्ज एवरेस्ट हाउस सहित प्रमुख स्थानों पर कार्यक्रम होंगे। खेलकूद गतिविधियों के साथ एडवेंचर स्पोर्ट्स भी कार्निवाल का अहम हिस्सा रहेंगे, जो युवाओं के लिए खास आकर्षण साबित होंगे।
एसडीएम राहुल आनंद ने बताया कि कार्निवाल का शुभारंभ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा किए जाने की संभावना है। प्रशासन की ओर से सुरक्षा, पार्किंग और साफ-सफाई को लेकर पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं। पर्यटकों की बढ़ती संख्या को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात किया जाएगा।
मसूरी का विंटर लाइन कार्निवाल केवल उत्सव नहीं, बल्कि ‘विंटर लाइन’ जैसे दुर्लभ प्राकृतिक दृश्य को देखने का भी सुनहरा अवसर है, जो दुनिया में गिने-चुने स्थानों पर ही दिखाई देता है। यही कारण है कि हर साल देश-विदेश से हजारों पर्यटक इस दौरान मसूरी पहुंचते हैं।
कुल मिलाकर इस बार का विंटर लाइन कार्निवाल उत्तराखंड की लोक कला, सांस्कृतिक विरासत, पर्यटन और प्राकृतिक सौंदर्य का भव्य उत्सव साबित होगा, जो मसूरी की पहचान को और अधिक मजबूत करेगा।







