रामनगर: यदि आप भी भविष्य में जिम कॉर्बेट टाइगर रिजर्व (रामनगर, नैनीताल) आने की योजना बना रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। जिम कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के नाम पर ठगी के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। ऐसा ही एक मामला रामनगर पुलिस के सामने आया है, जहां एक वाइल्ड लाइफ फोटोग्राफर के साथ बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी का आरोप लगाया गया है। पीड़ित ने इस संबंध में रामनगर कोतवाली में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है।
पीड़ित वाइल्ड लाइफ फोटोग्राफर एस. प्रशांत पुत्र शंकर मूर्ति, निवासी नागरबाब, बेंगलुरु ने पुलिस को बताया कि वह अपनी एक महिला मित्र के साथ जिम कॉर्बेट पार्क के ढिकाला जोन में सफारी के लिए आए थे। उनके अनुसार, सफारी से जुड़ी समस्त बुकिंग फरमान पुत्र नामालूम, निवासी खताड़ी, रामनगर द्वारा कराई गई थी।
यात्रा और खर्च का विवरण
पीड़ित के मुताबिक, फरमान के कहने पर वे 23 दिसंबर 2025 की रात करीब 11 बजे दिल्ली पहुंचे, जहां होटल में ठहरने का किराया 1874 रुपये उन्होंने स्वयं भुगतान किया। इसके बाद 24 दिसंबर 2025 को फरमान द्वारा भेजी गई टैक्सी से वे दिल्ली से रामनगर पहुंचे, जिसका किराया 9000 रुपये उन्होंने अदा किया।
रामनगर पहुंचने पर उन्होंने कॉर्बेट क्राउन रिसॉर्ट में एक दिन के लिए 1871 रुपये में कमरा बुक किया, क्योंकि 25 दिसंबर की सुबह सफारी प्रस्तावित थी।
सफारी के नाम पर धोखा, फर्जी परमिट का खुलासा
पीड़ित का आरोप है कि सफारी के दिन फरमान ने जिप्सी भेजने का आश्वासन दिया, लेकिन दोपहर तक कोई जिप्सी नहीं पहुंची। बाद में फरमान स्वयं आया और बताया कि दोपहर की सफारी रद्द कर दी गई है। जब अगले दिन यानी 26 दिसंबर की सफारी के बारे में पूछा गया, तो उसने साफ मना कर दिया।
इसके बाद पीड़ित ने जब परमिट की जांच कराई, तो चौंकाने वाला खुलासा हुआ। जांच में पता चला कि फरमान द्वारा दिया गया सफारी परमिट फर्जी था।
पेंच टाइगर रिजर्व के नाम पर भी एडवांस
पीड़ित ने यह भी बताया कि फरमान ने अगले वर्ष फरवरी में नागपुर के पेंच टाइगर रिजर्व की सफारी बुकिंग के नाम पर भी 22 हजार रुपये एडवांस ले रखे हैं, लेकिन उसका परमिट भी अब तक उपलब्ध नहीं कराया गया है।
करीब डेढ़ लाख रुपये का नुकसान
पीड़ित के अनुसार, बेंगलुरु से रामनगर तक आने-जाने, ठहरने, खाने और अन्य खर्चों को मिलाकर उन्हें करीब 1.50 लाख रुपये का आर्थिक नुकसान हुआ है। इसके साथ ही उन्हें मानसिक तनाव झेलना पड़ा और कीमती समय की भी क्षति हुई है।
पुलिस जांच में जुटी, पार्क प्रशासन भी सक्रिय
पीड़ित द्वारा पुलिस को सूचना दिए जाने के बाद आरोपी फरमान को थाने लाया गया, जहां उससे पूछताछ की गई और मामले की जांच शुरू कर दी गई है। पीड़ित का आरोप है कि फरमान ने एयरपोर्ट-टू-एयरपोर्ट फुल पैकेज और सफारी बुकिंग के नाम पर करीब डेढ़ लाख रुपये की धोखाधड़ी की है।
वहीं इस मामले पर कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के पार्क वार्डन बिंदर पाल ने कहा कि फर्जी वेबसाइटों और टूर ऑपरेटर्स के खिलाफ पहले भी कार्रवाई की जा चुकी है, और इस प्रकरण में भी जांच कर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
पुलिस का कहना है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।







