नए साल के जश्न को लेकर उत्तराखंड में पर्यटकों की आमद लगातार बढ़ रही है। बड़ी संख्या में सैलानियों के प्रदेश में पहुंचने के मद्देनज़र सरकार, शासन-प्रशासन और पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गई है, ताकि जश्न के दौरान किसी भी तरह की अव्यवस्था न हो।
इसी क्रम में रविवार 29 दिसंबर को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नए साल की तैयारियों को लेकर संबंधित विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि 30 दिसंबर 2025 से 5 जनवरी 2026 तक प्रदेशभर में यातायात प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने कहा कि पर्यटकों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें, वहीं प्रदेश में कानून व्यवस्था भी बेहतर बनी रहनी चाहिए।
सीएम धामी ने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए कि लगातार रात्रिकालीन गश्त की जाए। पुलिस के उच्चाधिकारी कानून व्यवस्था और यातायात प्रबंधन को और सुदृढ़ करने के लिए समय-समय पर विभिन्न क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण करें। मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था के साथ खिलवाड़ करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाए और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने बैठक में अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि राज्य में कानून व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त रखा जाए। उन्होंने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड में आपराधिक कृत्य करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। राज्य के प्रमुख पर्यटन स्थलों, अधिक आवागमन और भीड़-भाड़ वाले क्षेत्रों में समुचित सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। नए साल के अवसर पर सभी जिलों में यातायात प्रबंधन के साथ-साथ मूलभूत सुविधाओं और पार्किंग की समुचित व्यवस्था, वाहनों के अनियंत्रित संचालन और शराब पीकर वाहन चलाने वालों पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश भी दिए गए हैं। इसके साथ ही शराब के ठेकों के आसपास भी पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि देवभूमि उत्तराखंड में आने वाले सभी पर्यटकों की सुरक्षा, सुविधा और आतिथ्य का पूरा ध्यान रखा जाए। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि चेकिंग के नाम पर आम जनता और पर्यटकों को अनावश्यक रूप से परेशान न किया जाए।
सीएम धामी ने कहा कि देहरादून में जिन स्थानों पर सड़कों पर अतिक्रमण की समस्या सामने आ रही है, उन्हें सख्ती से हटाया जाए। इसके लिए जिला प्रशासन, नगर निगम, पुलिस, परिवहन विभाग और एमडीडीए की संयुक्त टास्क फोर्स बनाकर लगातार कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। अन्य जिलों में भी जहां सड़कों पर अतिक्रमण की समस्या है, वहां नियमित रूप से अभियान चलाने को कहा गया है।
मुख्यमंत्री ने भीड़भाड़ वाले स्थानों पर होटल और रिसॉर्ट्स में फायर सेफ्टी और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं की जांच के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि किसी भी आपात स्थिति में पुलिस पांच मिनट के भीतर मौके पर पहुंचे। साथ ही शीतकालीन यात्रा को ध्यान में रखते हुए सभी व्यवस्थाएं सुचारू रखने और पर्यटकों की सुविधा के लिए सूचना केंद्रों की समुचित व्यवस्था करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने प्रदेश में सफाई व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने और प्लास्टिक मुक्त उत्तराखंड के लिए अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस अभियान में सामाजिक, राजनीतिक और धार्मिक संगठनों के साथ-साथ आम जनता का भी सहयोग लिया जाए।
चंपावत का पुलिस-प्रशासन भी अलर्ट:
थर्टी फर्स्ट और नए साल के मौके पर चंपावत जिले में पर्यटकों और श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को देखते हुए पुलिस, जिला प्रशासन और परिवहन विभाग पूरी तरह सतर्क हो गया है। नए साल पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु मां पूर्णागिरी धाम के दर्शन के लिए पहुंच सकते हैं, इसी को ध्यान में रखते हुए विशेष ट्रैफिक प्लान तैयार किया गया है।
सहायक क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी (एआरटीओ) मनोज बगोरिया ने टैक्सी चालकों के साथ बैठक कर उन्हें आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। एआरटीओ बगोरिया ने बताया कि मेले की अवधि के दौरान नशे में वाहन चलाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने टैक्सी चालकों को श्रद्धालुओं के साथ शालीन व्यवहार करने, निर्धारित किराया सूची का पालन करने और किसी भी स्थिति में अतिरिक्त शुल्क न वसूलने के निर्देश दिए।
इसके साथ ही रात्रिकालीन यात्रा और कोहरे की आशंका को देखते हुए सभी वाहनों में रिफ्लेक्टर और सुरक्षा संकेतक सही ढंग से लगाए जाने पर विशेष जोर दिया गया है। ओवरलोडिंग करने वाले टैक्सी चालकों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई किए जाने की चेतावनी दी गई है।







