देहरादून। स्वदेशी अभियान को बढ़ावा देने के उद्देश्य से स्वामी विवेकानंद की जयंती के अवसर पर देहरादून में स्वदेशी संकल्प दौड़ का आयोजन किया गया। गांधी पार्क में भारतीय जनता युवा मोर्चा की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शिरकत की और स्वदेशी संकल्प दौड़ को हरी झंडी दिखाकर युवाओं को रवाना किया।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने स्वदेशी के क्षेत्र में कार्य कर रहे विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों को सम्मानित भी किया। स्वदेशी संकल्प दौड़ का मुख्य उद्देश्य युवाओं और आमजन को स्वदेशी उत्पादों के उपयोग के प्रति जागरूक करना और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को मजबूत करना रहा।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भारत की महान ऋषि परंपरा के ध्वजवाहक, युगदृष्टा और युवाओं के प्रेरणास्रोत स्वामी विवेकानंद की जयंती पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि स्वदेशी संकल्प दौड़ में युवाओं के बीच आना उनके लिए सौभाग्य की बात है। युवा ऊर्जा के वास्तविक स्रोत हैं और उनमें अपार शक्ति निहित है।
मुख्यमंत्री ने स्वामी विवेकानंद के विचारों को याद करते हुए कहा कि, “उठो, जागो और लक्ष्य की प्राप्ति करो, और जब तक लक्ष्य प्राप्त न हो तब तक लगातार प्रयास करते रहो”—यह संदेश आज के युवाओं के लिए मंत्र के समान है। स्वामी विवेकानंद ने राष्ट्र निर्माण में युवाओं को मजबूत नींव बताया था और आज भारत उसी विचारधारा को लेकर आगे बढ़ रहा है।
सीएम धामी ने कहा कि युवा केवल देश का वर्तमान ही नहीं, बल्कि भविष्य भी हैं। युवाओं की ऊर्जा, सकारात्मक सोच और परिश्रम भारत को वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प को साकार करने में अहम भूमिका निभाएंगे। उन्होंने कहा कि स्वदेशी संकल्प दौड़ सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर भारत की दिशा में युवाओं का एक मजबूत कदम है, जो राष्ट्र निर्माण की भावना को और सशक्त करता है।
देहरादून। स्वामी विवेकानंद जयंती के अवसर पर आयोजित स्वदेशी संकल्प दौड़ कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने युवाओं को बधाई देते हुए महान विचारक स्वामी विवेकानंद को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद आज भी युवाओं के सबसे बड़े प्रेरणा स्रोत हैं और उनके विचार देश को नई दिशा देने का काम करते हैं।
सीएम धामी ने कहा कि आज भारत दुनिया के सबसे युवा देशों में शामिल है, जहां करीब 65 प्रतिशत आबादी 42 वर्ष से कम आयु की है। ऐसे में युवाओं की यह शक्ति भारत को वैश्विक मंच पर मजबूत बनाने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश के युवाओं को नवाचार के व्यापक अवसर मिल रहे हैं। शिक्षा, रोजगार और स्वरोजगार के क्षेत्र में युवाओं को केंद्र में रखकर नई योजनाओं और इनोवेशन को आगे बढ़ाया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार भी युवाओं के भविष्य को सुरक्षित और सशक्त बनाने के लिए लगातार प्रयासरत है। उत्तराखंड में युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए बीते चार वर्षों में 27 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी दी गई है, जो अपने आप में एक रिकॉर्ड है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि युवा आत्मनिर्भर बनें और अपने सामर्थ्य से राज्य व देश के विकास में अहम भूमिका निभाएं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कार्यक्रम के दौरान हल्द्वानी किसान सुखवंत सिंह मौत मामले पर भी प्रतिक्रिया दी। सीएम धामी ने इसे बेहद दुखद घटना बताते हुए कहा कि इस प्रकरण को सरकार ने गंभीरता से लिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मामले में मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए जा चुके हैं और जांच प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से आगे बढ़ रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जांच में जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सरकार की मंशा साफ है कि किसी भी निर्दोष के साथ अन्याय न हो और दोषियों को बख्शा न जाए। सीएम धामी ने भरोसा दिलाया कि जांच पूरी होने के बाद जल्द ही पूरे मामले का सच सामने लाया जाएगा, ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके।
उधर, मसूरी में राष्ट्रीय युवा दिवस एवं स्वामी विवेकानंद जयंती के अवसर पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने मसूरी रोड स्थित किशनपुर तिराहे पर स्थापित स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर मालार्पण किया। इस दौरान उन्होंने स्वामी विवेकानंद के विचारों को युवाओं के लिए मार्गदर्शक बताते हुए कहा कि उनके आदर्श आज भी राष्ट्र निर्माण की दिशा में प्रेरणा देते हैं।
राष्ट्रीय युवा दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने सभी का मन मोह लिया। मोहक नृत्य में प्रतिभाग करने वाली चांदनी, स्मृति, मुस्कान, काजल और रूपा को कार्यक्रम के दौरान कृषि मंत्री गणेश जोशी द्वारा प्रमाण पत्र और मेडल देकर सम्मानित किया गया। मंत्री ने युवाओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि युवाओं की प्रतिभा और ऊर्जा ही देश की सबसे बड़ी ताकत है और ऐसे कार्यक्रम उनके आत्मविश्वास को बढ़ाने का काम करते हैं।







