उत्तरकाशी: मोरी विकासखंड की फतेह पर्वत पट्टी के अंतर्गत खन्ना गांव में मंगलवार 20 जनवरी की देर रात अचानक आग लगने से गांव में अफरा-तफरी मच गई। आग की चपेट में आकर दो आवासीय भवन पूरी तरह जलकर राख हो गए।
ग्रामीणों की सतर्कता से बड़ा नुकसान टला
खबर यह है कि गनीमत रही कि ग्रामीणों ने समय रहते आग बुझाने का प्रयास किया और आग को अन्य मकानों में फैलने से रोक दिया, नहीं तो बड़ी घटना घट सकती थी। ग्रामीणों ने अग्निपीड़ित परिवारों को उचित मुआवजा देने की भी मांग की है।
जानकारी के अनुसार, खन्ना गांव के चुंगी डांडा तोक में नंदू लाल के मकान से अचानक आग की लपटें उठी। जब तक लोग आग बुझाने का प्रयास करते, आग तेजी से फैलते हुए पड़ोसी बीरेंद्र सिंह के मकान तक पहुंच गई। देखते ही देखते दोनों मकान पूरी तरह जलकर राख हो गए। इस दौरान घरों में रखा राशन, कीमती सामान, नकदी और कपड़े जलकर नष्ट हो गए।
दूर संचार व्यवस्था में कमी और प्रशासन की प्रतिक्रिया
वहीं, यह भी सामने आया कि फतेह पर्वत पट्टी क्षेत्र में दूरसंचार की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। इस वजह से ग्रामीण आग लगने के समय प्रशासन को घटना से तुरंत अवगत नहीं करा पाए। काफी मशक्कत के बाद सूचना प्रशासन तक पहुंची, जिस पर मोरी से राजस्व और पुलिस टीम मौके के लिए रवाना हुई।
तहसीलदार का बयान
तहसीलदार मोरी सरदार सिंह चौहान ने बताया कि फतेह पर्वत पट्टी चुंगी डांडा खन्ना में मंगलवार रात आग लगने से नंदू लाल और बीरेंद्र सिंह के दो आवासीय मकान जल गए हैं। गनीमत रही कि इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई। सूचना मिलते ही राजस्व और पुलिस टीम तुरंत सहायता लेकर घटनास्थल पर पहुंची। उन्होंने कहा कि नुकसान का आकलन कर रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी जाएगी। साथ ही, फतेह पर्वत पट्टी क्षेत्र में दूरसंचार व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए उच्च अधिकारियों को अवगत कराया जाएगा।
इस घटना ने एक बार फिर यह दिखाया कि सुदूरवर्ती क्षेत्रों में समय पर संचार और सुरक्षा उपायों की आवश्यकता कितनी अहम है।







