हरिद्वार: बैरागी कैंप में शांतिकुंज के शताब्दी समारोह में बुधवार को योगगुरु स्वामी रामदेव और आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरी ने शिरकत की। इस अवसर पर शांतिकुंज के हजारों साधकों ने पर्यावरण संरक्षण और संवर्धन का संकल्प लिया। समारोह के दौरान बैरागी कैंप मैदान साधकों की भीड़ से गूंज उठा।
पर्यावरण संरक्षण का संकल्प
शांतिकुंज प्रमुख डॉ. चिन्मय पंड्या ने हजारों साधकों से अपील की कि वे नदी, तालाब और जंगल को स्वच्छ रखने में योगदान दें। उन्होंने बताया कि शताब्दी समारोह पूज्य गुरुदेव की साधना के सौ वर्ष, पूज्य माता की जन्म शताब्दी और अखंड ज्योति दीपक के सौ वर्ष पूरे होने पर आयोजित किया जा रहा है। यह आयोजन संकल्प और समाज निर्माण का प्रतीक है।
डॉ. पंड्या ने बताया कि पर्यावरण संरक्षण के तहत देशभर के 766 जिलों में शांतिकुंज के साधक वंदनीय माता जी के नाम से स्मृति उपवन स्थापित करेंगे और एक लाख से अधिक वृक्षारोपण करेंगे। इसके अलावा तीर्थ शुद्धि, जल शुद्धि और नदी-सरोवर शुद्धि के कार्य भी किए जाएंगे। देश-विदेश के करोड़ों साधक इस अभियान में सहयोग करेंगे।
योगगुरु स्वामी रामदेव का संदेश
शांतिकुंज के संस्थापकों के तप, पुरुषार्थ और वेद-धर्म के संवर्धन की सराहना करते हुए योगगुरु स्वामी रामदेव ने कहा कि उन्होंने जीवन में युग निर्माण और सकारात्मक परिवर्तन का मार्ग दिखाया। उन्होंने कहा कि डॉ. प्रणव पंड्या और डॉ. चिन्मय पंड्या उसी सनातन परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं।
स्वामी रामदेव ने यह भी बताया कि शांतिकुंज के संस्थापक पूज्य गुरुदेव ने 3,400 ग्रंथों की रचना की और उनके विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य किया। उन्होंने कहा कि किसी भी संगठन के सौ वर्ष पूर्ण होना अपने आप में गौरव की बात है, और यह संकल्प समाज और राष्ट्र निर्माण की दिशा में प्रेरणा का स्रोत है।
शताब्दी समारोह में गृह मंत्री अमित शाह भी शामिल होंगे, जिससे आगे समाज और राष्ट्र निर्माण के संकल्प और मजबूत होंगे।







