गैरसैंण: उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण में मौसम की पहली बर्फबारी ने पूरे क्षेत्र को सफेद चादर से ढक दिया है। लंबे इंतज़ार के बाद हुई इस बर्फबारी से जहां पहाड़ों की खूबसूरती और बढ़ गई है, वहीं स्थानीय लोगों में खुशी की लहर दौड़ गई है।
मौसम विभाग ने पहले ही 23, 24 और 25 जनवरी (शुक्रवार, शनिवार और रविवार) को क्षेत्र में तेज बारिश और बर्फबारी की चेतावनी जारी की थी। खास बात यह रही कि इस बार शीतकालीन बरसात नहीं हुई और सीधे बर्फबारी देखने को मिली।
आज सुबह हल्की बरसात के बाद ऊंची पर्वतीय श्रृंखलाओं में बर्फ गिरने का सिलसिला शुरू हो गया। गैरसैंण के भराड़ीसैण, सारकोट, पज्याणा, मटकोट, अन्द्रपा, कोयलख, फरकंडे, घनियाल, मेहरागांव, रामड़ा सहित अन्य ऊंचाई वाले इलाकों में मौसम की पहली बर्फबारी दर्ज की गई।
बर्फबारी के चलते तापमान में भारी गिरावट महसूस की जा रही है, जिससे ठंड और बढ़ गई है। हालांकि, लंबे समय से बारिश का इंतजार कर रहे काश्तकारों के लिए यह बर्फबारी राहत लेकर आई है। खेतों और फसलों के लिए यह प्राकृतिक वरदान मानी जा रही है।
वहीं, सूबे के पहले सरहदी सीमांत नगर ज्योतिर्मठ और विंटर डेस्टिनेशन औली में बसंत पंचमी पर्व पर इस सीजन की पहली बर्फबारी और बारिश होने से सीमांत क्षेत्र के पर्यटन कारोबारियों सहित काश्तकारों के चेहरे खिल उठे हैं। औली में सीजन की पहली बर्फबारी होने से पर्यटन कारोबारियों और पर्यटकों में खासा उत्साह देखने को मिला।
ज्योर्तिमठ नगर क्षेत्र में सुबह हल्की बारिश के साथ-साथ हिमपात जारी है। इसके साथ ही कड़ाके की सर्दी और शीतलहर का सितम भी बना हुआ है। शीतकालीन पर्यटन स्थली औली में बर्फबारी का बेसब्री से इंतजार कर रहे पर्यटकों ने बर्फ की पहली फाहें गिरते ही खुशी जाहिर करते हुए जश्न मनाना शुरू कर दिया।
औली में बर्फबारी का लुत्फ उठाने के लिए पर्यटकों ने GMVN की चेयर लिफ्ट राइड से औली की बर्फीली वादियों का नजारा किया। क्षेत्र में ऑरेंज अलर्ट के बाद सक्रिय हुए वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के चलते ऊंचाई वाले इलाकों में लगातार बर्फबारी हो रही है। बदरीनाथ धाम सहित वैली ऑफ फ्लावर्स, हेमकुंड साहिब, चिनाप वैली, द्रोणागिरी बागनी वैली, नीति वैली तथा कुंवारी पास–गोरसों ट्रैक रूट पर भी अच्छी बर्फबारी दर्ज की गई है।
पूरी धोली गंगा और अलकनंदा घाटी में इस सीजन की अच्छी बर्फबारी रिकॉर्ड की गई है। लंबे समय से काले पड़े पहाड़ों, ऊंचे दरख्तों, सूखे बुग्यालों और वनाग्नि की चपेट में आए क्षेत्रों के लिए यह बारिश और बर्फबारी संजीवनी के रूप में देखी जा रही है।
प्रशासन ने मौसम को देखते हुए लोगों और पर्यटकों से सतर्क रहने तथा अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।







