हरिद्वार: उत्तराखंड में वर्ष 2027 में होने वाले कुंभ मेले को लेकर धामी सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं। कुंभ आयोजन को सफल और सुव्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से हरिद्वार में मेला प्रशासन द्वारा स्थायी निर्माण कार्यों पर विशेष फोकस किया जा रहा है, ताकि मेले के बाद भी शहरवासियों और श्रद्धालुओं को इन परियोजनाओं का दीर्घकालीन लाभ मिल सके।
इसी क्रम में लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने करीब 48 करोड़ रुपये की लागत से विभिन्न स्थायी निर्माण कार्यों की शुरुआत कर दी है। अनुमान लगाया जा रहा है कि इन कार्यों के पूरा होने के बाद लगभग 20 लाख लोग प्रत्यक्ष रूप से लाभान्वित होंगे।
पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता दीपक कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि करीब 12 करोड़ रुपये की लागत से भाईचारा ढाबे से बीएचईएल बैरियर नंबर-6 होते हुए शिवालिक नगर चौक तक लगभग चार किलोमीटर लंबा मार्ग चौड़ा किया जा रहा है। इस मार्ग के चौड़ीकरण से कुंभ मेले के दौरान शिवालिक नगर क्षेत्र में प्रस्तावित पार्किंग तक श्रद्धालुओं की आवाजाही सुगम हो सकेगी।
इसके साथ ही लगभग 10 करोड़ रुपये की लागत से पथरी रोह नदी पर 60 मीटर लंबे पुल का निर्माण कार्य भी प्रगति पर है। दीपक कुमार ने बताया कि बरसात के समय नदी में जलस्तर बढ़ने से आवागमन बाधित हो जाता था, लेकिन पुल के निर्माण के बाद शिवालिक नगर से ज्वालापुर और सुभाषनगर क्षेत्र की करीब एक लाख आबादी को सुचारू यातायात सुविधा मिलेगी। इससे किसानों और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों को भी बड़ा लाभ मिलेगा।
वहीं मेला प्रशासन द्वारा 25 करोड़ रुपये के बजट से पतंजलि योगपीठ से सहदेवपुर, दिनरपुर, सुभाषगढ़ होते हुए पुरकाजी–लक्सर–ज्वालापुर को फेरूपुर तक जोड़ने वाली कनेक्टिविटी विकसित करने का कार्य भी शुरू कर दिया गया है। इन सभी स्थायी कार्यों के पूरा होने के बाद रोजाना आवाजाही करने वाले करीब 20 लाख लोगों के लिए बेहतर यातायात सुविधा सुनिश्चित होगी।
गौरतलब है कि शिवालिक नगर के पास रपटे पर पुल निर्माण की मांग बीते लगभग दस वर्षों से लंबित थी, जिसे अब कुंभ को ध्यान में रखते हुए पूरा किया जा रहा है।
पीडब्ल्यूडी अधिकारियों के अनुसार 2027 कुंभ मेले से पहले सभी स्थायी निर्माण कार्य पूर्ण कर लिए जाएंगे। इसके बाद अस्थायी संरचनाओं, घाटों, पार्किंग और अन्य आवश्यक सुविधाओं का निर्माण किया जाएगा। मेला प्रशासन ने ट्रैफिक मैनेजमेंट, पार्किंग व्यवस्था और यातायात नियंत्रण को लेकर भी विशेष कार्ययोजना तैयार की है, ताकि श्रद्धालुओं को कुंभ मेले के दौरान किसी प्रकार की असुविधा न हो।







