रुद्रप्रयाग: उत्तराखंड में लंबे इंतजार के बाद हुई बारिश और बर्फबारी जहां एक ओर लोगों के लिए चुनौती बनकर सामने आई, वहीं दूसरी ओर यह बर्फबारी कई परिवारों के लिए यादगार लम्हों में बदल गई। बर्फ से ढकी वादियों के बीच कई जोड़े शादी के बंधन में बंधे। भगवान शिव और माता पार्वती के पावन विवाह स्थल त्रियुगीनारायण धाम में बीते दिन भारी बर्फबारी के बीच सात जोड़ों ने सात फेरे लेकर नए जीवन की शुरुआत की। वहीं चमोली जनपद के जंगलचट्टी गांव में भी बर्फबारी के बीच पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ विवाह संपन्न हुए।
भारी बर्फबारी के बावजूद नवविवाहित जोड़े बेहद उत्साहित और खुश नजर आए। विवाह समारोह के दौरान गिरती बर्फ ने खुशियों को और भी खास बना दिया। बर्फबारी ने जहां आम जनजीवन को प्रभावित किया, वहीं शादी समारोहों के लिए यह एक अविस्मरणीय अनुभव बन गया, जिसका लोगों ने खूब आनंद उठाया।
भगवान शिव-पार्वती के विवाह स्थल त्रियुगीनारायण में जमकर बर्फबारी हुई। शनिवार को मौसम साफ होने के बाद पूरा क्षेत्र बर्फ की सफेद चादर में लिपटा नजर आया। चारों ओर फैली बर्फ ने त्रियुगीनारायण की प्राकृतिक सुंदरता को और भी मनमोहक बना दिया। बसंत पंचमी के पावन अवसर पर मंदिर परिसर में सात जोड़ों ने वैदिक रीति-रिवाजों के साथ विवाह संस्कार संपन्न किए। इस पावन दिन हुई बर्फबारी ने इन शादियों को जीवन भर के लिए यादगार बना दिया।
बर्फ से ढके मंदिर परिसर में संपन्न हुए विवाह समारोहों के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिससे त्रियुगीनारायण धाम में विवाह कराने की लोकप्रियता और अधिक बढ़ गई है। लोग इस दिव्य और प्राकृतिक वातावरण में विवाह को खास मानते हैं।
स्थानीय लोगों के अनुसार, हर साल यहां विवाह कराने वाले नवयुगलों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। उत्तराखंड ही नहीं, बल्कि देश के विभिन्न राज्यों और विदेशों से भी लोग भगवान शिव-पार्वती के विवाह स्थल त्रियुगीनारायण पहुंच रहे हैं। यह स्थल तेजी से एक प्रमुख वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में उभर रहा है। इसके साथ ही रुद्रप्रयाग जनपद का प्रसिद्ध पर्यटन स्थल बधानीताल भी बर्फ की सफेद चादर में ढका नजर आया।
स्थानीय निवासी दिवाकर गौरोला ने बताया कि त्रियुगीनारायण मंदिर में विवाह के लिए पूरे वर्ष बुकिंग आती रहती है। नवयुगलों और उनके परिजनों की सुविधा के लिए स्थानीय लोग हरसंभव सहयोग करते हैं। क्षेत्र में होटल, लॉज और रेस्टोरेंट की पर्याप्त व्यवस्थाएं मौजूद हैं, जिससे यहां आने वाले लोग सहज और आनंदित महसूस करते हैं। उन्होंने कहा कि धार्मिक आस्था, प्राकृतिक सौंदर्य और पारंपरिक विवाह संस्कारों का अद्भुत संगम त्रियुगीनारायण को विशेष बनाता है और यह स्थल देश ही नहीं, बल्कि विदेशों में भी प्रसिद्ध हो रहा है।
गौरतलब है कि रुद्रप्रयाग जनपद में स्थित त्रियुगीनारायण धाम, भगवान शिव-पार्वती के विवाह स्थल के रूप में प्रसिद्ध है और अब यह वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में लोगों की पहली पसंद बनता जा रहा है। बीते दिन उत्तराखंड के कई पर्वतीय जिलों में हुई जबरदस्त बर्फबारी से जहां पर्यटक उत्साहित नजर आए, वहीं बर्फबारी के बाद स्थानीय होटल और पर्यटन कारोबार से जुड़े लोगों के चेहरे भी खिले हुए हैं।







