भारत सरकार के बीस सूत्रीय कार्यक्रम के क्रियान्वयन में दिसंबर माह की रैंकिंग में चंपावत जनपद ने प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। जिलाधिकारी मनीष कुमार के नेतृत्व में चंपावत ने यह उपलब्धि लगातार छठी बार हासिल कर एक बार फिर उत्कृष्ट प्रशासनिक कार्यप्रणाली का परिचय दिया है। इस सफलता पर जिलाधिकारी ने जनपद के सभी विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को शुभकामनाएं देते हुए भविष्य में भी इसी तरह बेहतर प्रदर्शन बनाए रखने के निर्देश दिए हैं।
गौरतलब है कि चंपावत, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की विधानसभा क्षेत्र भी है। जिलाधिकारी मनीष कुमार के कुशल निर्देशन में जनपद ने जुलाई, अगस्त, सितंबर, अक्टूबर, नवंबर के बाद अब दिसंबर माह की रैंकिंग में भी सर्वोच्च स्थान प्राप्त किया है। लगातार छह माह तक शीर्ष पर बने रहना जनपद की सुदृढ़ प्रशासनिक व्यवस्था और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को दर्शाता है।
37 मदों में ‘A’ श्रेणी, 96.75 प्रतिशत उपलब्धि
जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी दीप्तकीर्ति तिवारी ने जानकारी देते हुए बताया कि अर्थ एवं संख्या निदेशालय, नियोजन विभाग, उत्तराखंड शासन द्वारा जारी प्रतिवेदन के अनुसार कुल 40 रैंकिंग मदों में से चंपावत जनपद ने 37 मदों में ‘A’ श्रेणी और 3 मदों में ‘B’ श्रेणी प्राप्त की है। ‘C’ और ‘D’ श्रेणी में कोई भी मद नहीं रहा।
कुल 123 अंकों में से जनपद को 119 अंक प्राप्त हुए, जो 96.75 प्रतिशत उपलब्धि को दर्शाता है। वहीं बागेश्वर जनपद 95.73 प्रतिशत अंकों के साथ द्वितीय और उधम सिंह नगर 91.87 प्रतिशत अंकों के साथ तृतीय स्थान पर रहा।
रैंकिंग नहीं, अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुंचाना लक्ष्य: डीएम
इस उपलब्धि पर जिलाधिकारी मनीष कुमार ने सभी विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों को बधाई देते हुए कहा कि “हमारा उद्देश्य केवल रैंकिंग में शीर्ष स्थान प्राप्त करना नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि शासन की प्रत्येक योजना का लाभ पारदर्शी, गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध रूप से समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।”
उन्होंने सभी विभागों को निर्देश दिए कि आने वाले महीनों में भी इसी उत्कृष्टता को बनाए रखते हुए योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में और अधिक तेजी लाई जाए तथा परिणाम-आधारित कार्य संस्कृति को और मजबूत किया जाए।
जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी ने बताया कि बीस सूत्रीय कार्यक्रम के अंतर्गत विभिन्न विभागीय योजनाओं की मासिक प्रगति की समीक्षा कर राज्य स्तर पर उनका आकलन किया जाता है। चंपावत जनपद की यह निरंतर सफलता शासन की योजनाओं को जमीनी स्तर तक पहुंचाने में प्रशासन की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।







