रामनगर क्षेत्र के लोगों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। कुमाऊं और गढ़वाल को जोड़ने वाला राष्ट्रीय राजमार्ग NH-309, जो हर मानसून में जानलेवा साबित होता था, अब सुरक्षित और भरोसेमंद बनने जा रहा है। इस मार्ग पर पड़ने वाले धनगढ़ी और पनोद बरसाती नालों पर बनाए जा रहे पुल लगभग तैयार हो चुके हैं। वर्षों से इन नालों में बरसात के दौरान आने वाले तेज उफान के कारण जहां यातायात ठप हो जाता था, वहीं अब तक एक दर्जन से अधिक लोगों की जान भी जा चुकी है।
हर साल मानसून के दौरान अचानक तेज बहाव के चलते वाहन चालकों और राहगीरों को जान जोखिम में डालकर इन नालों को पार करना पड़ता था। कई बार राष्ट्रीय राजमार्ग पर घंटों लंबा जाम लग जाता था, जिससे आपात सेवाएं भी प्रभावित होती थीं। स्थानीय लोगों की लंबे समय से मांग थी कि इन खतरनाक नालों पर स्थायी पुलों का निर्माण किया जाए, ताकि बरसात के मौसम में सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित हो सके।
धनगढ़ी और पनोद नालों पर पुल निर्माण की प्रक्रिया वर्ष 2020 में शुरू हुई थी। तत्कालीन राज्यसभा सांसद और वर्तमान पौड़ी लोकसभा सांसद अनिल बलूनी की पहल पर केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी द्वारा केंद्र सरकार से करीब 14 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई थी। धनगढ़ी नाले पर 150 मीटर लंबे पुल की लागत 7.65 करोड़ रुपये तय की गई, जबकि पनोद नाले पर 90 मीटर लंबे पुल के लिए 6.35 करोड़ रुपये की स्वीकृति मिली थी। नवंबर 2020 में दोनों पुलों का निर्माण कार्य शुरू भी कर दिया गया।
हालांकि निर्माण के दौरान हाथी कॉरिडोर को लेकर वन विभाग ने आपत्ति जताई, जिसके चलते कार्य को बीच में ही रोकना पड़ा। इस कारण परियोजना में लंबा विलंब हुआ और लोगों को हर मानसून में उसी खतरे से जूझना पड़ा। बाद में वन विभाग के साथ कई स्तरों पर चर्चा के बाद संशोधित डिजाइन को मंजूरी दी गई, जिसमें पुल की चौड़ाई 6.5 मीटर और सड़क की चौड़ाई 12 मीटर रखी गई।
संशोधित डिजाइन को स्वीकृति मिलने के बाद मई 2024 में दोबारा निर्माण कार्य शुरू हुआ। वर्तमान स्थिति की बात करें तो धनगढ़ी नाले पर बना पुल लगभग पूरी तरह तैयार हो चुका है और अब अंतिम चरण में है। स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, अगले 10 से 15 दिनों में धनगढ़ी पुल पूरी तरह बनकर तैयार हो जाएगा। वहीं पनोद नाले पर बना पुल भी लगभग पूरा हो चुका है और बरसात से पहले दोनों पुलों पर यातायात शुरू होने की उम्मीद है।
इन पुलों के बन जाने से मानसून के दौरान NH-309 पर यातायात बाधित नहीं होगा। लोगों को अब जान जोखिम में डालकर उफनते नालों को पार नहीं करना पड़ेगा। कुमाऊं और गढ़वाल को जोड़ने वाला यह महत्वपूर्ण मार्ग हर मौसम में सुरक्षित और सुचारू रहेगा। पुलों के लगभग तैयार होने से स्थानीय लोगों में खुशी का माहौल है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि ये पुल न सिर्फ उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करेंगे, बल्कि पर्यटन, व्यापार और रोजमर्रा की आवाजाही को भी बड़ा सहारा देंगे।







