हरिद्वार: कोटद्वार में बाबा की दुकान से जुड़े विवाद को लेकर सुर्खियों में आए दीपक कुमार को लेकर उत्तराखंड की राजनीति लगातार गरमाती जा रही है. जहां एक ओर कांग्रेस नेता राहुल गांधी दीपक कुमार को “बब्बर शेर” और “देश का हीरो” बता चुके हैं, वहीं दूसरी ओर कई हिंदूवादी संगठन अब खुलकर उनके विरोध में उतर आए हैं. शुक्रवार 5 फरवरी को हरिद्वार प्रेस क्लब में बजरंग दल, भैरव सेना समेत कई संगठनों ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दीपक कुमार पर गंभीर आरोप लगाए और सरकार से मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की.
प्रेस वार्ता के दौरान हिंदूवादी संगठनों के पदाधिकारियों ने कहा कि सरकार को दीपक कुमार के मोबाइल फोन और बैंक खातों की जांच करानी चाहिए, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि उसके पीछे कौन लोग और कौन सी ताकतें काम कर रही हैं. संगठनों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द जांच नहीं हुई तो वे आंदोलन तेज करेंगे और कांग्रेस प्रदेश मुख्यालय का घेराव करेंगे.
भैरव सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष मोहित चौहान ने दीपक कुमार पर कांग्रेस का एजेंट होने का आरोप लगाते हुए उसका बहिष्कार करने की घोषणा की. उन्होंने कहा कि कोटद्वार प्रकरण से यह साफ हो गया है कि दीपक कुमार कांग्रेस के इशारे पर काम कर रहा है और उसके माध्यम से प्रदेश में सामाजिक तनाव फैलाने की कोशिश की जा रही है. मोहित चौहान ने कांग्रेस पर तुष्टिकरण की राजनीति करने और प्रदेश का माहौल खराब करने का भी आरोप लगाया. साथ ही उन्होंने दावा किया कि दीपक कुमार को राष्ट्रीय स्तर पर फंडिंग मिल रही है.
प्रेस कॉन्फ्रेंस में मौजूद संगठनों ने ऐलान किया कि 14 फरवरी को कांग्रेस मुख्यालय का घेराव कर विरोध दर्ज कराया जाएगा. वक्ताओं ने कहा कि कांग्रेस और भीम आर्मी मिलकर प्रदेश में अशांति फैलाने की कोशिश कर रही हैं और हिंदू विरोधी ताकतें खुलकर दीपक कुमार के समर्थन में सामने आ रही हैं.
दलित आर्मी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नवीनेश्वर ने कहा कि जब नाबालिग बच्चों के साथ दुष्कर्म जैसी घटनाएं होती हैं, तब ऐसे तथाकथित सामाजिक कार्यकर्ता सामने नहीं आते, लेकिन राजनीतिक लाभ के लिए कुछ मामलों को जानबूझकर तूल दिया जाता है. वहीं राष्ट्रीय प्रजापति मंच की संगीता प्रजापति ने सवाल उठाते हुए कहा कि पुलवामा जैसे हमलों में जब धर्म पूछकर हिंदुओं की हत्या की जाती है, तब ये लोग चुप रहते हैं. उन्होंने यह भी पूछा कि यदि किसी बाबा के नाम को लेकर आपत्ति थी, तो किसी को मारपीट करने का अधिकार किसने दिया.
बजरंग दल के जिला संयोजक अमित मुल्तानिया ने कहा कि यह मामला देश के युवाओं की सोच पर सीधा हमला है, जिसे किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. उन्होंने आरोप लगाया कि राष्ट्रविरोधी मानसिकता के लोग एक मंच पर आकर दीपक कुमार प्रकरण को भड़काने का प्रयास कर रहे हैं.
प्रेस वार्ता में राष्ट्रीय प्रजापति मंच की संगीता प्रजापति, अंबेडकर महामंच के प्रवीण पेंगवाल, भैरव सेवा के राष्ट्रीय अध्यक्ष मोहित चौहान, बजरंग दल के जिला संयोजक अमित मुल्तानिया और दलित आर्मी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नवीनेश्वर सहित कई संगठनों के पदाधिकारी मौजूद रहे. सभी संगठनों ने एक स्वर में मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग की और 14 फरवरी को कांग्रेस मुख्यालय घेराव का ऐलान किया.







