हरिद्वार शहर के रिहायशी इलाकों में इन दिनों जंगली हाथियों की आवाजाही लोगों के लिए गंभीर चिंता का विषय बनी हुई है। जगजीतपुर, राजा गार्डन और गार्डन कॉलोनी सहित आसपास के क्षेत्रों में जंगल से निकलकर हाथियों का आबादी में प्रवेश लगातार बढ़ रहा है। बीते मंगलवार की रात गार्डन कॉलोनी में एक बार फिर दो जंगली हाथी घुस आए, जिससे इलाके में अफरातफरी मच गई।
अचानक हाथियों को सड़क पर देख लोग घबरा गए। इसी दौरान एक स्कूटी सवार युवक हाथियों को देखकर संतुलन खो बैठा और पास ही लगे बिजली के खंभे से जा टकराया। गनीमत रही कि युवक को गंभीर चोट नहीं आई और बड़ा हादसा टल गया। राहत की बात यह भी रही कि हाथियों ने नीचे गिरे युवक पर हमला नहीं किया और कुछ देर बाद शांतिपूर्वक आगे बढ़ गए।
घटना का वीडियो वायरल
इस पूरी घटना का वीडियो भी सामने आया है, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कॉलोनी के भीतर हाथियों की मौजूदगी से लोग किस तरह दहशत में आ जाते हैं और स्कूटी सवार युवक अचानक नियंत्रण खो देता है। कॉलोनी में फैला डर और भगदड़ जैसे हालात वीडियो में स्पष्ट दिखाई दे रहे हैं।
स्थानीय लोगों में दहशत
स्थानीय निवासियों का कहना है कि रात के समय घर से बाहर निकलना जोखिम भरा हो गया है। लोगों ने वन विभाग से स्थायी समाधान की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य में बड़ा हादसा हो सकता है।
वन विभाग ने संभाला मोर्चा
बीती रात राजा गार्डन क्षेत्र में हाथियों की सूचना मिलते ही वन विभाग की क्विक रिस्पांस टीम मौके पर पहुंची। हरिद्वार रेंज अधिकारी शीशपाल ने बताया कि सुबह के समय हाथियों को सुरक्षित तरीके से जंगल की ओर खदेड़ दिया गया। उन्होंने कहा कि स्कूटी सवार युवक से जुड़ा वायरल वीडियो अभी उनके संज्ञान में नहीं आया है, लेकिन वीडियो की जांच कराई जा रही है।
दूसरे दिन भी टला हादसा, खतरा कायम
गौरतलब है कि दो दिन पहले भी एक स्कूटी सवार युवक ने हाथियों के पीछे वाहन दौड़ाने की कोशिश की थी, जिस पर स्थानीय लोगों और वन विभाग ने उसे फटकार लगाई थी। लगातार दूसरे दिन भी ऐसी घटना सामने आना इस बात का संकेत है कि आबादी वाले इलाकों में हाथियों की बढ़ती मूवमेंट बड़ा खतरा बनती जा रही है।
फिलहाल जानमाल का नुकसान तो नहीं हुआ, लेकिन हालात साफ इशारा कर रहे हैं कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए, तो हरिद्वार के रिहायशी इलाकों में कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।







