पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत आज हल्द्वानी पहुंचे, जहां विधायक सुमित हृदयेश सहित कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया। इस दौरान हरीश रावत ने भाजपा सरकार पर जमकर निशाना साधा और चुनावी मुद्दों को लेकर तीखी टिप्पणी की।
हरीश रावत ने कहा कि चुनाव नजदीक आते ही भाजपा एक बार फिर मुस्लिम यूनिवर्सिटी का मुद्दा उछालने लगती है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि भाजपा नेताओं को मुस्लिम यूनिवर्सिटी का “ताबीज” बनाकर गले में डाल लेना चाहिए, क्योंकि इसी मुद्दे के सहारे वे 2022 में सत्ता में आए थे। उन्होंने कहा कि 2027 के चुनाव में भी भाजपा को “ताबीजाए नमो” कहना चाहिए।
जमीन आवंटन विवाद पर दी सफाई
देहरादून में जमीन आवंटन को लेकर उठ रहे सवालों पर प्रतिक्रिया देते हुए हरीश रावत ने इन्हें निराधार बताया। उन्होंने कहा कि जिस स्थान की चर्चा की जा रही है, वहां प्लॉट खरीदने वाले अधिकांश लोग हिंदू हैं। जिस भी सरकार के कार्यकाल में जमीन दी गई होगी, वह नियमों के तहत ही आवंटित की गई होगी।
कानून व्यवस्था पर उठाए सवाल
पूर्व मुख्यमंत्री ने प्रदेश में बिगड़ती कानून व्यवस्था पर भी गंभीर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि राजधानी देहरादून में लगातार आपराधिक घटनाएं बढ़ रही हैं। आए दिन हत्याएं हो रही हैं और महिलाओं के साथ अपराध की घटनाएं सामने आ रही हैं। इसके बावजूद सरकार कानून व्यवस्था संभालने में विफल नजर आ रही है।
हरीश रावत ने आरोप लगाया कि पुलिस कानून व्यवस्था पर ध्यान देने के बजाय अन्य कार्यों में व्यस्त है, जिसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि राजधानी जैसे शहर में लोग डर के साये में जीने को मजबूर हैं।
हल्द्वानी दौरे के दौरान हरीश रावत के बयान ने प्रदेश की सियासत को एक बार फिर गर्मा दिया है।







