हरिद्वार: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी आज हरिद्वार दौरे पर रहे। सुबह गुरुकुल हैलीपेड पहुंचने पर अधिकारियों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने उनका स्वागत किया। इसके बाद मुख्यमंत्री ने सीसीआर भवन में वर्ष 2027 कुंभ मेले से जुड़े 34 विकास कार्यों के लिए 234 करोड़ रुपये की लागत का शिलान्यास किया।
कुंभ 2027 की हाई लेवल समीक्षा बैठक
मुख्यमंत्री ने हरिद्वार में 2027 कुंभ मेले को लेकर उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, सतपाल महाराज, मुख्य सचिव आनंद वर्धन, डीजीपी दीपम सेठ और मेलाधिकारी सोनिका सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि कुंभ से जुड़े सभी स्थायी और अस्थायी निर्माण कार्य तय समयसीमा में और गुणवत्ता के साथ पूरे किए जाएं। उन्होंने कहा कि वे स्वयं कार्यों की मॉनिटरिंग कर रहे हैं और अखाड़ों के साधु-संतों के साथ लगातार समन्वय बनाए रखा जा रहा है।
दिव्य और भव्य आयोजन का लक्ष्य
सीएम धामी ने कहा कि सनातन परंपराओं के अनुरूप 2027 का कुंभ मेला दिव्य और भव्य रूप में आयोजित किया जाएगा। आयोजन को सफल बनाने के लिए विभिन्न स्टेकहोल्डरों से सुझाव भी लिए जा रहे हैं। उन्होंने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए।
कुंभ मेले के मद्देनजर सुरक्षा, पार्किंग, पेयजल, बिजली, सफाई और यातायात प्रबंधन को लेकर गाइडलाइन तय की गई है। सरकार का प्रयास है कि देवभूमि उत्तराखंड आने वाले श्रद्धालु एक सकारात्मक और यादगार अनुभव लेकर जाएं।
2021 कुंभ से सबक, 2027 पर फोकस
उल्लेखनीय है कि वर्ष 2021 में आयोजित हरिद्वार कुंभ कोरोना महामारी के कारण प्रभावित हुआ था और कई व्यवस्थाएं बीच में स्थगित करनी पड़ी थीं। इस बार सरकार ने 2027 अर्द्धकुंभ को पूर्ण कुंभ की तर्ज पर भव्य रूप में आयोजित करने की तैयारी शुरू कर दी है। पेशवाई, धर्मध्वजा स्थापना, अखाड़ों की छावनियां और शाही स्नान की पारंपरिक व्यवस्थाएं भी होंगी।
मुख्यमंत्री इससे पहले संत समाज के साथ बैठक कर कुंभ को ऐतिहासिक बनाने पर चर्चा कर चुके हैं। सरकार और संत समाज मिलकर आयोजन की तैयारियों में जुटे हैं।
चारधाम यात्रा पर भी फोकस
चारधाम यात्रा के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले अनुभवों को ध्यान में रखते हुए इस बार बेहतर व्यवस्थाएं की जा रही हैं। यात्रा समय से पहले शुरू होगी और अप्रैल-मई में कपाट खुलने के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए व्यापक इंतजाम किए जा रहे हैं। स्कूलों की छुट्टियों को ध्यान में रखते हुए भी विशेष प्रबंधन की योजना बनाई गई है।
हरिद्वार दौरे के दौरान सीएम धामी ने साफ किया कि 2027 कुंभ और आगामी चारधाम यात्रा को ऐतिहासिक, सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाने में कोई कमी नहीं छोड़ी जाएगी।







