पौड़ी: ऋषिकेश–बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर सोमवार तड़के एक दर्दनाक हादसा सामने आया है। तोता घाटी क्षेत्र में पहाड़ से अचानक भारी-भरकम पत्थर गिरने से एक ट्रक उसकी चपेट में आ गया। हादसे में ट्रक चालक की मौके पर ही मौत हो गई। सूचना मिलते ही पुलिस और राहत-बचाव दल मौके पर पहुंचा और कड़ी मशक्कत के बाद चालक के शव को बाहर निकाला गया।
अचानक गिरे पत्थर ने ली जान
जानकारी के अनुसार ट्रक चालक ऋषिकेश से श्रीनगर की ओर जा रहा था। जैसे ही वाहन तोता घाटी क्षेत्र में पहुंचा, पहाड़ी से एक बड़ा पत्थर सीधे ट्रक पर आ गिरा। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि ट्रक बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और चालक को संभलने का मौका तक नहीं मिला।
हादसे के बाद पुलिस और राहत टीम ने मौके पर पहुंचकर बचाव कार्य शुरू किया। काफी प्रयासों के बाद चालक के शव को ट्रक से बाहर निकाला गया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।
मृतक कर्णप्रयाग का निवासी
थाना देवप्रयाग के एसओ प्रशांत बहुगुणा ने बताया कि मृतक चालक मूल रूप से कर्णप्रयाग (जनपद चमोली) का निवासी था और उसकी उम्र लगभग 55 वर्ष थी। परिजनों को हादसे की सूचना दे दी गई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
संवेदनशील बना तोता घाटी क्षेत्र
गौरतलब है कि तोता घाटी क्षेत्र में भूस्खलन और पत्थर गिरने की घटनाएं अक्सर होती रहती हैं। बरसात और ठंड के मौसम में यह मार्ग विशेष रूप से जोखिम भरा हो जाता है। वर्तमान में यहां सड़क चौड़ीकरण और पहाड़ी कटिंग-पेस्टिंग का कार्य जारी है, लेकिन लगातार पत्थर गिरने की घटनाएं चिंता बढ़ा रही हैं।
चारधाम यात्रा से पहले बढ़ी चिंता
उत्तराखंड में जल्द ही चारधाम यात्रा शुरू होने वाली है। बदरीनाथ और केदारनाथ जैसे प्रमुख धामों के लिए श्रद्धालु इसी राष्ट्रीय राजमार्ग से होकर गुजरते हैं। यात्रा के दौरान प्रतिदिन हजारों वाहन इस मार्ग से गुजरते हैं।
यदि समय रहते सुरक्षा जाल (सेफ्टी नेट), पहाड़ी स्थिरीकरण, मलबा हटाने और ट्रैफिक प्रबंधन की ठोस व्यवस्था नहीं की गई तो यात्रा सीजन के दौरान दुर्घटनाओं और जाम की स्थिति गंभीर रूप ले सकती है।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि यात्रा शुरू होने से पहले संवेदनशील क्षेत्रों, विशेषकर तोता घाटी में सुरक्षा इंतजाम पुख्ता किए जाएं और निर्माण कार्य तय समयसीमा में पूर्ण कर श्रद्धालुओं की यात्रा को सुरक्षित और सुगम बनाया जाए।







