देहरादून: पंडित दीन दयाल उपाध्याय जिला अस्पताल (कोरोनेशन अस्पताल) में एक घायल युवती को इलाज के दौरान कथित अव्यवस्थाओं का सामना करना पड़ा। बेहतर सुविधाएं न मिलने का आरोप लगाते हुए युवती ने इमरजेंसी वार्ड से रोते हुए एक वीडियो बनाया, जो 23 फरवरी को सामने आया। वीडियो वायरल होते ही अस्पताल प्रशासन में हड़कंप मच गया और मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
कार की चपेट में आई थी युवती
जानकारी के अनुसार, सर्वे चौक क्षेत्र की रहने वाली युवती घर जाते समय एक कार की चपेट में आ गई थी। हादसे में कार का टायर उसके पैर पर चढ़ गया, जिससे उसे गंभीर चोट लगी। इसके बाद वह इलाज के लिए कोरोनेशन अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड पहुंची।
आरोप है कि उसे तत्काल प्राथमिक उपचार नहीं मिला, जिससे आहत होकर उसने अस्पताल की व्यवस्थाओं पर सवाल उठाते हुए वीडियो बनाया।
वीडियो में लगाए गंभीर आरोप
वीडियो में युवती कहती नजर आ रही है कि पहले स्टाफ ने उसे ओपीडी में पर्ची कटवाने को कहा, फिर एक्स-रे के लिए नई बिल्डिंग से पुरानी बिल्डिंग तक भेजा गया। उसने आरोप लगाया कि अस्पताल में उपलब्ध एकमात्र व्हीलचेयर जंग लगी थी और ठीक से चल नहीं रही थी, जिससे उसे काफी परेशानी हुई।
अस्पताल प्रशासन ने दी सफाई
मामले पर अस्पताल के प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. मनु जैन ने कहा कि जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित कर दी गई है। प्राथमिक जांच में पता चला है कि युवती 23 फरवरी को अस्पताल आई थी, उस समय इमरजेंसी में पांच कैदियों का इलाज चल रहा था और पुलिसकर्मी भी मौजूद थे, जिससे भीड़ अधिक थी।
डॉ. जैन के अनुसार, इमरजेंसी में एक्स-रे की सुविधा नहीं है और इसके लिए ओपीडी भवन में जाना पड़ता है। उन्होंने कहा कि व्हीलचेयर में मामूली खराबी थी, जिसे तुरंत ठीक कर दिया गया था। साथ ही यह भी बताया कि अस्पताल में पीआरडी के छह जवान तैनात हैं, जो अकेले आने वाले मरीजों की सहायता करते हैं।
उन्होंने युवती से अपील की कि वह औपचारिक शिकायत दर्ज कराए, ताकि मेडिकल रिकॉर्ड और एक्स-रे की जांच कर संबंधित डॉक्टर या स्टाफ पर आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
जांच के बाद होगी कार्रवाई
फिलहाल अस्पताल प्रशासन रिकॉर्ड खंगाल रहा है। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। मरीजों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना प्राथमिकता है और किसी भी तरह की लापरवाही पाए जाने पर सख्त कदम उठाए जाएंगे।







