रुद्रप्रयाग: वर्ष 2026 की केदारनाथ धाम यात्रा से पहले जिला प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि इस बार किसी भी प्रकार की लापरवाही या अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने तिलवाड़ा बाजार स्थित केदारनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग का औचक स्थलीय निरीक्षण कर अतिक्रमणकारियों को दो टूक चेतावनी दे दी।
निरीक्षण के दौरान डीएम ने एनएच चौड़ीकरण कार्य, अधिग्रहित भूमि की स्थिति और सड़क किनारे पड़े मलबे पर कड़ी नाराजगी जताई। जिन भू-स्वामियों को मुआवजा मिल चुका है, उन्हें तत्काल भूमि खाली करने का अंतिम निर्देश दिया गया। ध्वस्त भवनों का मलबा सड़क पर मिलने पर संबंधितों को सख्त शब्दों में चेताया गया कि इसे तुरंत हटाया जाए, अन्यथा सीधी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
जाम की समस्या पर प्रशासन का फोकस
चारधाम यात्रा के दौरान तिलवाड़ा बाजार में लगने वाले लंबे जाम इस बार प्रशासन के निशाने पर हैं। डीएम ने कहा कि सड़क पर पड़ा मलबा, अवैध कब्जे और दुकानों द्वारा सीमा से बाहर सामान फैलाना ही जाम की मुख्य वजह है। अब यह प्रवृत्ति किसी भी हाल में नहीं चलेगी।
राष्ट्रीय राजमार्ग अधिकारियों के साथ बैठक कर स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि चौड़ीकरण कार्य में किसी भी प्रकार की देरी बर्दाश्त नहीं होगी। खाली कराई गई भूमि का उपयोग यात्रियों के लिए पार्किंग, विश्राम बेंच और अन्य मूलभूत सुविधाओं के विकास में किया जाएगा।
दुकानदारों को अल्टीमेटम
डीएम विशाल मिश्रा ने चेतावनी दी कि यदि कोई दुकानदार निर्धारित सीमा से बाहर एनएच की भूमि पर सामान रखता पाया गया तो नगर पंचायत के माध्यम से तत्काल चालान और सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि व्यापार के नाम पर सड़क पर कब्जा अब अपराध की श्रेणी में माना जाएगा।
सभी संबंधित विभागों को समन्वित अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि यात्रा शुरू होने से पहले तिलवाड़ा पूरी तरह अतिक्रमण मुक्त हो सके। जिलाधिकारी का सख्त रुख संकेत दे रहा है कि इस बार चारधाम यात्रा से पहले प्रशासन किसी भी दबाव में नहीं आएगा। श्रद्धालुओं की सुरक्षित, सुगम और जाममुक्त यात्रा सुनिश्चित करना ही प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।







