देहरादून: उत्तराखंड की राजनीति में इन दिनों कथित ‘मुंबई वाली पार्टी’ को लेकर घमासान मचा हुआ है। विवाद की शुरुआत कुंवर प्रणव चैंपियन के एक वीडियो से हुई, जिसके बाद कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने 24 साल पुरानी घटना का जिक्र करते हुए पूरे मामले पर अपनी सफाई दी। उन्होंने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट से भी इस मुद्दे पर सच सामने रखने को कहा है।
क्या है पूरा विवाद?
कुछ दिन पहले कुंवर प्रणव चैंपियन का एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें वे नोट उड़ाते नजर आए थे। इस पर हुई आलोचनाओं के जवाब में उन्होंने एक और वीडियो जारी किया।
वीडियो में चैंपियन ने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल पर निशाना साधते हुए दावा किया कि उन्हें नवी मुंबई के एक डांस बार में ले जाया गया था, जहां बार बालाओं का नृत्य हुआ था। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उस दौरान कुछ अन्य नेता भी मौजूद थे और माहौल मनोरंजन का था।
चैंपियन ने कहा कि वे स्वयं “चरित्रवान” व्यक्ति हैं और उन पर लगाए जा रहे आरोपों का जवाब देने के लिए यह वीडियो जारी कर रहे हैं। उन्होंने खानपुर विधायक उमेश शर्मा पर भी टिप्पणी की।
गोदियाल का पलटवार
चैंपियन के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए गणेश गोदियाल ने कहा कि जिस पार्टी का जिक्र किया जा रहा है, उसमें कुछ भी अनैतिक नहीं था। उन्होंने दावा किया कि उस कार्यक्रम में भाजपा और कांग्रेस दोनों दलों के विधायक मौजूद थे और इसमें छिपाने जैसा कुछ भी नहीं है।
गोदियाल ने कहा कि भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट भी उस समय वहां मौजूद थे और वे इस बारे में सही जानकारी दे सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी में कुछ विधायक केवल भोजन कर लौट गए थे, जबकि कुछ ने डांस फ्लोर पर डांस किया था, जिसे गलत तरीके से पेश किया जा रहा है।
24 साल बाद क्यों उठा मुद्दा?
गणेश गोदियाल ने सवाल उठाया कि 24 साल पुरानी घटना को अब क्यों उछाला जा रहा है। उन्होंने कहा कि उस समय सब कुछ सामान्य सामाजिक आयोजन के तहत हुआ था। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि “नादान की पहचान, जी का जंजाल” जैसी कहावतें आज की राजनीति में चरितार्थ होती दिख रही हैं।
सियासी हलकों में चर्चा तेज
‘मुंबई वाली पार्टी’ को लेकर प्रदेश की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। एक ओर चैंपियन अपने आरोपों पर कायम हैं, वहीं कांग्रेस इसे राजनीतिक रूप से प्रेरित बता रही है।
अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट इस पूरे विवाद पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं और क्या यह मामला आने वाले दिनों में और तूल पकड़ेगा।







