देहरादून/गैरसैंण: उत्तराखंड विधानसभा का बजट सत्र आगामी 9 मार्च से ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण में शुरू होगा। इस बार सरकार एक नया संसदीय रिकॉर्ड बनाने जा रही है। पहली बार राज्यपाल का अभिभाषण और आम बजट एक ही दिन सदन में पेश किया जाएगा।
राज्यपाल अभिभाषण के साथ पेश होगा बजट
संसदीय कार्यमंत्री सुबोध उनियाल ने बताया कि 9 मार्च को राज्यपाल के अभिभाषण के तुरंत बाद आम बजट पेश किया जाएगा। उन्होंने इसे जनभावनाओं के सम्मान और समय प्रबंधन की दृष्टि से ऐतिहासिक कदम बताया। सरकार का मानना है कि इससे विधायी कार्यों का बेहतर संचालन संभव होगा।
चुनावी साल में ‘समर्पित बजट’ पर फोकस
चुनावी वर्ष को देखते हुए सरकार इस बार “समर्पित बजट” पेश करने की तैयारी में है। संसदीय कार्यमंत्री के अनुसार बजट में गरीब, युवा, महिलाएं और किसान केंद्र में रहेंगे।
राज्य के युवाओं को स्वरोजगार और स्टार्टअप से जोड़ने, महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने और किसानों की आय बढ़ाने के लिए विशेष प्रावधान किए जाने की बात कही गई है। महिला स्वयं सहायता समूहों के सशक्तिकरण, कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने पर जोर रहेगा।
पलायन रोकने और पर्वतीय विकास पर जोर
बताया जा रहा है कि बजट में पर्वतीय क्षेत्रों में रोजगार सृजन, पलायन रोकने और स्थानीय संसाधनों पर आधारित उद्योगों को प्रोत्साहन देने के लिए नई घोषणाएं की जा सकती हैं। गैरसैंण में बजट सत्र का आयोजन क्षेत्रीय संतुलन और पहाड़ी क्षेत्रों के विकास की प्रतिबद्धता का प्रतीक माना जाता है।
1.11 लाख करोड़ का होगा बजट
इस बार सरकार 1.11 लाख करोड़ रुपए का बजट सदन में पेश करेगी, जिसे कैबिनेट की मंजूरी मिल चुकी है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि चुनावी साल में पेश होने वाला यह बजट सरकार के लिए अहम साबित हो सकता है।
अब प्रदेश की निगाहें 9 मार्च पर टिकी हैं, जब गैरसैंण की धरती से सरकार अपने विजन और प्राथमिकताओं को बजट के माध्यम से राज्य की जनता के सामने रखेगी।







