गैरसैंण: उत्तराखंड विधानसभा के भराड़ीसैंण (गैरसैंण) में चल रहे बजट सत्र 2026 के तीसरे दिन विपक्ष सरकार को कई मुद्दों पर घेरने की तैयारी में है। कांग्रेस विधायकों का आरोप है कि सरकार ने उनके द्वारा उठाए गए सवालों का संतोषजनक जवाब नहीं दिया है। ऐसे में आज सदन में कानून व्यवस्था, भ्रष्टाचार और भूमिधरी कानून जैसे अहम मुद्दों पर तीखी बहस होने के आसार हैं।
सरकार के जवाबों से असंतुष्ट विपक्ष
कांग्रेस विधायकों का कहना है कि प्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिति को लेकर सरकार स्पष्ट जवाब देने में असफल रही है। कांग्रेस विधायक भुवन कापड़ी ने खटीमा क्षेत्र का मामला उठाते हुए कहा कि उनकी विधानसभा सीट, जो मुख्यमंत्री की भी सीट रही है, वहां एक किसान की करीब 125 एकड़ जमीन पर भूमाफियाओं ने कब्जा कर लिया। उनका आरोप है कि पुलिस की मदद से किसान की जमीन पर जबरन कब्जा कराया गया।
भुवन कापड़ी बोले- जवाब से संतुष्ट नहीं
भुवन कापड़ी ने कहा कि किसान के खेत में फसल खड़ी थी, लेकिन बिना नंबर प्लेट वाले ट्रैक्टर से खेत को जोत दिया गया। उन्होंने कहा कि इस गंभीर मामले में सरकार की ओर से कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया गया, जिससे वे बिल्कुल संतुष्ट नहीं हैं।
हरीश धामी का सवाल आज नियम 58 के तहत सुना जाएगा
कांग्रेस विधायक हरीश धामी ने बताया कि उन्होंने मंगलवार को अपनी विधानसभा सीट से जुड़े एक मुद्दे को विशेषाधिकार हनन के तहत उठाया था, जिस पर सदन में काफी हंगामा भी हुआ। उन्होंने कहा कि अब उनके इस सवाल को आज नियम 58 के तहत सदन में सुना जाएगा।
पुलिस में भ्रष्टाचार का मुद्दा भी उठा
वहीं कांग्रेस विधायक इंजीनियर रवि बहादुर ने आरोप लगाया कि प्रदेश के थानों और चौकियों में भ्रष्टाचार व्याप्त है। उन्होंने कहा कि सरकार इस सच्चाई को स्वीकार करने को तैयार नहीं है, जबकि आम जनता को इसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा है।
धार्मिक मुद्दों को तूल देने का आरोप
कांग्रेस विधायक फुरकान अहमद ने सरकार पर धार्मिक मुद्दों को जरूरत से ज्यादा तूल देने का आरोप लगाया। उन्होंने कोटद्वार के मोहम्मद दीपक से जुड़े मामले का जिक्र करते हुए कहा कि उनके विधानसभा क्षेत्र में स्कूल निर्माण का मुद्दा भी उठाया गया था, लेकिन सरकार की ओर से कोई ठोस जवाब नहीं दिया गया।
भूमिधरी कानून का मुद्दा भी उठेगा
विपक्ष ने स्पष्ट किया है कि आज सदन में नियम 310 के तहत भूमिधरी कानून का मुद्दा भी उठाया जाएगा और सरकार से इस पर स्पष्ट जवाब मांगा जाएगा। विपक्ष का कहना है कि जनता से जुड़े अहम मुद्दों पर सरकार को सदन में जवाबदेह होना ही पड़ेगा।







