देहरादून: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में एलपीजी गैस की कमी ने आम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। एक ओर प्रशासन व्यवस्था सुधारने में जुटा है, वहीं दूसरी ओर लगातार बढ़ती मांग के कारण हालात पूरी तरह नियंत्रण में नहीं आ पा रहे हैं।
मंगलवार (17 मार्च) को जिला प्रशासन और गैस एजेंसियों के संयुक्त प्रयास से करीब 12 हजार से अधिक घरेलू उपभोक्ताओं तक गैस सिलेंडर की आपूर्ति की गई, जिससे आंशिक राहत जरूर मिली है। इसके साथ ही 136 व्यावसायिक उपभोक्ताओं को भी गैस उपलब्ध कराई गई। बावजूद इसके, जिले में लगभग 75 हजार घरेलू उपभोक्ताओं का बैकलॉग बना हुआ है, जो स्थिति की गंभीरता को दर्शाता है।
जिलाधिकारी सविन बंसल का कहना है कि गैस की कोई कमी नहीं है, बल्कि बढ़ती मांग के कारण आपूर्ति में समय लग रहा है। उन्होंने बताया कि वितरण व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की गई है।
तेजी से बढ़ रही मांग, रोजाना हजारों बुकिंग
गैस संकट के बीच सबसे बड़ी चुनौती बढ़ती मांग है। 16 मार्च को ही करीब 19 हजार उपभोक्ताओं ने गैस बुकिंग कराई, जो सामान्य दिनों की तुलना में काफी अधिक है। वर्तमान में रोजाना औसतन 15 हजार से ज्यादा बुकिंग हो रही हैं, जिससे बैकलॉग तेजी से कम नहीं हो पा रहा। कई उपभोक्ताओं को 3 से 5 दिन तक इंतजार करना पड़ रहा है, जबकि कुछ क्षेत्रों में स्थिति और भी गंभीर बताई जा रही है।
रसोई से कारोबार तक असर
गैस संकट का असर केवल घरों तक सीमित नहीं है, बल्कि छोटे कारोबार भी प्रभावित हो रहे हैं। चाय की दुकानों और होटलों में मेन्यू सीमित हो गया है, वहीं चाय की कीमत 10 रुपये से बढ़कर 15 रुपये तक पहुंच गई है। कई लोग अब लकड़ी और अन्य ईंधनों का सहारा लेने को मजबूर हैं। घरेलू स्तर पर भी महिलाओं को सबसे ज्यादा दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
क्यूआरटी टीमें सक्रिय, सख्त निगरानी
गैस वितरण व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए प्रशासन ने क्षेत्रवार क्यूआरटी (क्विक रिस्पॉन्स टीम) का गठन किया है। ये टीमें लगातार गैस एजेंसियों का निरीक्षण कर रही हैं और स्टॉक, आपूर्ति व वितरण की निगरानी कर रही हैं। डीएम सविन बंसल ने स्पष्ट किया है कि कालाबाजारी या अनियमितता किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
कंट्रोल रूम सक्रिय, शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई
गैस संकट को देखते हुए जिला प्रशासन ने कंट्रोल रूम को पूरी तरह सक्रिय कर दिया है। अपर जिलाधिकारी केके मिश्रा स्वयं इसकी निगरानी कर रहे हैं। आम जनता के लिए हेल्पलाइन नंबर 1077, 0135-2626066, 2726066 और व्हाट्सएप नंबर 7534826066 जारी किए गए हैं। मंगलवार शाम तक गैस आपूर्ति से जुड़ी 35 शिकायतें दर्ज की गईं, जिन पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
ऋषिकेश में छापेमारी, 135 सिलेंडर बरामद
कालाबाजारी पर अंकुश लगाने के लिए प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है। ऋषिकेश के लक्कड़घाट क्षेत्र में क्यूआरटी टीम ने छापेमारी कर 135 व्यावसायिक गैस सिलेंडर बरामद किए हैं। अनियमितता पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
राहत की शुरुआत, लेकिन संकट बरकरार
देहरादून में एलपीजी संकट अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। 12 हजार घरों तक गैस पहुंचना राहत की शुरुआत जरूर है, लेकिन 75 हजार उपभोक्ताओं तक आपूर्ति सुनिश्चित करना अभी भी बड़ी चुनौती बना हुआ है।
प्रशासन का दावा है कि लगातार प्रयासों और निगरानी से जल्द ही हालात सामान्य हो जाएंगे। फिलहाल, आम जनता को राहत मिलने का इंतजार है और सभी की नजरें प्रशासनिक प्रयासों पर टिकी हैं।







