देहरादून: उत्तराखंड में चार साल बाद आखिरकार धामी कैबिनेट का विस्तार हो गया है। गुरमीत सिंह (राज्यपाल) ने पांच नए मंत्रियों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। जिन विधायकों को मंत्री बनाया गया है, उनमें मदन कौशिक, प्रदीप बत्रा, भरत चौधरी, राम सिंह कैड़ा और खजानदास शामिल हैं।
नवरात्रि के बीच कैबिनेट विस्तार
चैत्र नवरात्रि के दूसरे दिन, जब मां ब्रह्मचारिणी की पूजा की जा रही है, उसी दिन धामी सरकार ने मंत्रिमंडल विस्तार कर राजनीतिक संकेत भी दे दिए हैं। लंबे समय से खाली पड़े पांच मंत्री पदों को भरते हुए सरकार ने क्षेत्रीय और जातीय संतुलन साधने की कोशिश की है।
किन विधायकों को मिला मौका
रुद्रप्रयाग से विधायक भरत चौधरी, देहरादून राजपुर सीट से खजानदास, हरिद्वार से मदन कौशिक, रुड़की से प्रदीप बत्रा और नैनीताल के भीमताल से राम सिंह कैड़ा को मंत्री पद दिया गया है।
चार साल से चल रही थी चर्चा
साल 2022 में सरकार गठन के बाद से ही पांच मंत्री पद खाली चल रहे थे। इस बीच लगातार मंत्रिमंडल विस्तार की चर्चाएं होती रहीं, लेकिन अब जाकर इन पदों को भरा गया है। कई विधायक लंबे समय से मंत्री बनने की उम्मीद लगाए बैठे थे।
2027 चुनाव से पहले बड़ा राजनीतिक कदम
राजनीतिक दृष्टि से यह विस्तार काफी अहम माना जा रहा है, क्योंकि वर्ष 2027 में उत्तराखंड विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में सरकार ने नए मंत्रियों के जरिए संगठन और सरकार के बीच संतुलन बनाने के साथ-साथ क्षेत्रीय और सामाजिक समीकरणों को साधने का प्रयास किया है।
परफॉर्मेंस के आधार पर चयन
सूत्रों के अनुसार, जिन विधायकों को मंत्री बनाया गया है, उनके पिछले चार वर्षों के कार्यों और प्रदर्शन का मूल्यांकन किया गया। बेहतर प्रदर्शन करने वाले विधायकों को ही कैबिनेट में जगह दी गई है।
कुल मिलाकर, धामी कैबिनेट का यह विस्तार आने वाले चुनावों से पहले सरकार की रणनीतिक तैयारी के रूप में देखा जा रहा है, जिससे राजनीतिक संदेश भी स्पष्ट तौर पर दिया गया है।







