देहरादून: उत्तराखंड के लिए अहम संस्थान सर्वे ऑफ इंडिया के मुख्यालय को देहरादून से स्थानांतरित किए जाने की अटकलों के बीच केंद्र सरकार ने स्थिति स्पष्ट कर दी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की आपत्ति के बाद केंद्र ने साफ कहा है कि इस संबंध में अभी तक कोई स्वीकृति नहीं दी गई है।
केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह ने मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में स्पष्ट किया कि विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग ने सर्वे ऑफ इंडिया मुख्यालय के स्थानांतरण के किसी प्रस्ताव को मंजूरी नहीं दी है। उन्होंने इस विषय पर मुख्यमंत्री द्वारा उठाई गई चिंताओं और संस्थान के ऐतिहासिक व सामरिक महत्व को रेखांकित करने के लिए उनका आभार भी जताया।
PMGSY परियोजनाओं को मिली राहत
इसके साथ ही राज्य के लिए एक और राहत भरी खबर सामने आई है। मुख्यमंत्री धामी के अनुरोध पर केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के लंबित कार्यों की समय-सीमा बढ़ाने को मंजूरी दे दी है।
अब PMGSY-I के तहत बकाया भुगतान और PMGSY-II व III के अधूरे कार्यों को पूरा करने के लिए समय-सीमा बढ़ाकर 31 मार्च 2027 कर दी गई है। इससे राज्य में रुके हुए सड़क कार्यों को गति मिलने की उम्मीद है।
केंद्र का सहयोग, राज्य को फायदा
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस फैसले के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि इससे राज्य में सड़क संपर्क मजबूत होगा और ग्रामीण क्षेत्रों के विकास को नई रफ्तार मिलेगी।
कुल मिलाकर, एक ओर जहां सर्वे ऑफ इंडिया मुख्यालय को लेकर चल रही आशंकाओं पर विराम लगा है, वहीं दूसरी ओर सड़क परियोजनाओं को मिली समय-सीमा विस्तार से उत्तराखंड के विकास कार्यों को मजबूती मिलने की उम्मीद है।







