देहरादून: नेहरू कॉलोनी क्षेत्र में आयोजित ‘रायपुर विधानसभा सम्मेलन 2026’ के जरिए बीजेपी ने संगठनात्मक मजबूती और सरकार की योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने का बड़ा संदेश दिया। इस दौरान कांग्रेस में शामिल हो रहे नेताओं को लेकर भी बीजेपी ने तीखी प्रतिक्रिया दी और विपक्ष पर जमकर निशाना साधा।
सम्मेलन में पार्टी पदाधिकारियों, पन्ना प्रमुखों और बूथ अध्यक्षों की बड़ी भागीदारी देखने को मिली। कार्यक्रम के दौरान एसआईआर प्रशिक्षण के तहत केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। इस मौके पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को ‘धाकड़ धामी’ और ‘धुरंधर धामी’ की उपाधि देते हुए उन्हें क्रिकेट बैट भेंट कर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए, जबकि प्रभारी मंत्री सुबोध उनियाल विशिष्ट अतिथि रहे। सम्मेलन की अध्यक्षता विधायक उमेश शर्मा काउ ने की। अपने संबोधन में सीएम धामी ने कहा कि संगठन की ताकत ही बीजेपी की सबसे बड़ी पूंजी है और कार्यकर्ता ही पार्टी की रीढ़ हैं।
उन्होंने कहा कि बीजेपी कार्यकर्ता सरकार की योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में उत्तराखंड तेजी से विकास की राह पर आगे बढ़ रहा है और कई क्षेत्रों में अग्रणी बन चुका है।
वहीं, प्रदेश की राजनीति में जारी दल-बदल के बीच हाल ही में कई नेताओं के कांग्रेस में शामिल होने पर भी चर्चा रही। इनमें पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल, भीमलाल आर्य, पूर्व बसपा विधायक नारायण पाल, रुड़की के पूर्व मेयर गौरव गोयल, भीमताल के पूर्व ब्लॉक प्रमुख लखन सिंह और मसूरी के पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष अनुज गुप्ता शामिल हैं।
हालांकि, बीजेपी ने इन घटनाक्रमों को ज्यादा महत्व देने से इनकार किया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि जिन नेताओं के नाम सामने आ रहे हैं, वे पहले ही पार्टी से निष्कासित थे या लंबे समय से सक्रिय नहीं थे, इसलिए उनके जाने से पार्टी को कोई फर्क नहीं पड़ेगा।
वहीं, कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस अब ‘फ्यूज बल्बों’ को इकट्ठा कर रही है। उन्होंने दावा किया कि बीजेपी संगठन पहले से अधिक मजबूत है और आगामी चुनाव में पार्टी कार्यकर्ताओं के दम पर मजबूती से मैदान में उतरेगी।
इस सम्मेलन के जरिए बीजेपी ने एक ओर जहां अपनी संगठनात्मक ताकत का प्रदर्शन किया, वहीं विपक्ष पर हमलावर रुख अपनाते हुए आगामी चुनावों के लिए सियासी जमीन भी तैयार करने का संकेत दे दिया है।






