पिथौरागढ़ जिले की दारमा घाटी से एक सुखद और रोमांचक खबर सामने आई है. यहां एक बार फिर हिमालयन मोनाल पक्षी कैमरे में कैद हुआ है. रंग-बिरंगे पंखों और आकर्षक रूप के लिए मशहूर यह पक्षी उत्तराखंड का राज्य पक्षी भी है और इसे हिमालय की शान कहा जाता है. मोनाल के दिखने से पक्षी प्रेमियों और स्थानीय लोगों में खुशी की लहर दौड़ गई है, क्योंकि यह दुर्लभ श्रेणी का पक्षी माना जाता है.
बर्फबारी के बीच ऊंचाई पर दिखा मोनाल
जानकारी के अनुसार, दारमा घाटी में हाल ही में हुई बर्फबारी के बीच यह खूबसूरत पक्षी नजर आया. बालिंग गांव के पास करीब 10 हजार फीट की ऊंचाई पर हिमपात के बीच मोनाल को देखा गया. होमस्टे संचालक गुड्डू जंग ने बताया कि धारचूला की ओर जाते समय यह दुर्लभ पक्षी दिखाई दिया, जो इस मौसम में बेहद खास माना जा रहा है.
स्थानीय निवासी कविंद्र नगन्याल और अभिराज दताल ने बताया कि बर्फबारी के बाद पंचाचूली सहित आसपास की चोटियां बर्फ से ढकी हुई हैं. ऐसे में भोजन की तलाश में कई दुर्लभ पक्षी और वन्यजीव निचले इलाकों की ओर आते हैं, जिससे उनके दीदार का मौका मिलता है.
मौसम में बदलाव का असर
विशेषज्ञों और स्थानीय लोगों के अनुसार, पिछले एक दशक में मौसम में काफी बदलाव आया है. पहले जहां नवंबर से मार्च तक नियमित बर्फबारी होती थी, वहीं अब बर्फबारी में देरी देखने को मिल रही है. इस बार भी अप्रैल महीने में उच्च हिमालयी क्षेत्रों में भारी हिमपात हुआ है, जिससे ठंड एक बार फिर बढ़ गई है.
तापमान में गिरावट के कारण वन्यजीव और पक्षी भोजन की तलाश में बाहर निकलते हैं, जिससे मोनाल जैसे दुर्लभ पक्षियों के दिखने की संभावना बढ़ जाती है.
उत्तराखंड की जैव विविधता का प्रतीक
मोनाल फीसेंट परिवार का पक्षी है और लोफोफोरस जीनस से संबंधित है. इसकी तीन प्रजातियां पाई जाती हैं. अपने चमकीले और बहुरंगी पंखों के कारण यह पक्षी बेहद आकर्षक दिखाई देता है. उत्तराखंड में इसे राज्य पक्षी का दर्जा प्राप्त है और यह यहां की समृद्ध जैव विविधता का प्रतीक माना जाता है.
ठंड से जूझ रहे स्थानीय लोग
दारमा घाटी में लगातार बर्फबारी के चलते ठंड काफी बढ़ गई है. स्थानीय लोगों को ठंड से बचने के लिए आग का सहारा लेना पड़ रहा है. बावजूद इसके, इस तरह के दुर्लभ पक्षियों के दीदार से लोगों के चेहरे पर खुशी देखने को मिल रही है.
मोनाल का यह दीदार न केवल प्रकृति प्रेमियों के लिए खास है, बल्कि यह हिमालयी पारिस्थितिकी की समृद्धि और संतुलन का भी संकेत देता है.







