हरिद्वार में सरकारी स्कूलों की पुस्तकों को लेकर सोशल मीडिया पर भ्रामक वीडियो वायरल करने का मामला सामने आया है। इस मामले में रानीपुर कोतवाली पुलिस ने एक व्यक्ति के खिलाफ आईटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आरोप है कि वीडियो के माध्यम से उत्तराखंड सरकार और शिक्षा विभाग की छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई।
शिवालिक नगर निवासी आशीष कुमार झा ने रानीपुर कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि मोहम्मद खालिद खान नाम के व्यक्ति द्वारा सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा किया गया, जिसमें एनसीईआरटी की कक्षा छह की ‘क्यूरियोसिटी’ पुस्तक को लेकर भ्रामक जानकारी दी गई। वीडियो में दिल्ली और उत्तराखंड में प्रकाशित एनसीईआरटी पुस्तकों की तुलना करते हुए घोटाले के आरोप लगाए गए।
शिकायत के अनुसार, वीडियो के जरिए पुस्तकों की कीमत को लेकर जनता को गुमराह करने और शिक्षा व्यवस्था पर अविश्वास पैदा करने का प्रयास किया गया। जबकि हकीकत यह है कि उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा बोर्ड द्वारा एनसीईआरटी की पुस्तकों को विधिवत अनुमति लेकर प्रकाशित किया जाता है और प्रत्येक प्रति पर रॉयल्टी का भुगतान भी किया जाता है। सीमित छपाई, जीएसटी, परिवहन और वितरण जैसे खर्चों के कारण कीमत में अंतर होना स्वाभाविक बताया गया है।
आशीष कुमार झा, जो एक समाजसेवी संस्था चलाते हैं और गरीब बच्चों की शिक्षा में सहयोग करते हैं, ने बताया कि कार्रवाई शुरू होते ही आरोपी ने सोशल मीडिया से वीडियो हटा लिया। उन्होंने पुलिस से मामले की गहन जांच कर दोषी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
वहीं रानीपुर कोतवाली प्रभारी मनोहर सिंह भंडारी ने बताया कि प्राप्त तहरीर के आधार पर आईटी एक्ट में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि संबंधित सोशल मीडिया अकाउंट कौन संचालित कर रहा है और वीडियो किस उद्देश्य से साझा किया गया था।






