पौड़ी: गजल्ड़ गांव में पिछले कई दिनों से सक्रिय आदमखोर गुलदार के आतंक से दहशत में जी रहे ग्रामीणों को आखिरकार बड़ी राहत मिली है। बुधवार देर रात प्रसिद्ध शूटर जॉय हुकिल और उनकी टीम ने एक गुलदार को मार गिराया। इसके बाद वन विभाग की टीम ने गुलदार को रेस्क्यू कर नागदेव रेंज, पौड़ी पहुंचा दिया है।
गौरतलब है कि बीते गुरवार को गजल्ड़ गांव में 45 वर्षीय राजेंद्र नौटियाल को गुलदार ने हमला कर मौत के घाट उतार दिया था। इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल फैल गया था। इसके साथ ही गांव में लगातार गुलदार की गतिविधियां दर्ज हो रही थीं और कई पालतू पशुओं पर भी हमले हुए, जिससे ग्रामीणों में भारी आक्रोश था।
ग्रामीणों की मांग पर कार्रवाई करते हुए विभाग ने प्राइवेट शूटर जॉय हुकिल को क्षेत्र में तैनात किया। देर रात उन्होंने सक्रिय गुलदार को ट्रैक कर शूट कर दिया, जिससे ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है। क्षेत्र में दहशत का माहौल अब काफी हद तक कम हो गया है।
ग्रामीणों ने बताया कि पिछले कई दिनों से वे खौफ में जी रहे थे और शाम ढलते ही घरों से बाहर निकलने में भी डर लगता था। गुलदार के मारे जाने के बाद गांव में सुरक्षा की उम्मीद बढ़ी है। वहीं वन विभाग की टीम ने भी इलाके में गश्त बढ़ाने और वन्यजीव गतिविधियों पर निगरानी रखने की बात कही है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
जिले में बढ़ती घटनाओं से ग्रामीण सहमे
पौड़ी जिले के विभिन्न विकासखंडों में लगातार हो रही गुलदार की घटनाओं से ग्रामीणों में भय का माहौल है।
- चौबट्टाखाल क्षेत्र में बीते बुधवार को गुलदार ने एक महिला पर हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया।
- वहीं गजल्ड़ गांव में पिछले एक सप्ताह से गुलदार की लगातार सक्रियता ने लोगों की नींद उड़ा दी थी।
लगातार बढ़ रही घटनाओं के बाद ग्रामीणों ने विभाग से मांग की कि विभागीय शूटर के साथ-साथ तत्काल प्राइवेट शूटर को भी तैनात किया जाए।
✔ वन विभाग ने तैनात किए दो शूटर
ग्रामीणों की बढ़ती चिंता को देखते हुए वन विभाग के उच्च अधिकारियों ने दो शूटरों को क्षेत्र में लगाया। इनमें मशहूर शूटर जॉय हुकिल भी शामिल थे। उन्होंने मौके पर पहुंचकर गुलदार की गतिविधियों की निगरानी शुरू की और उसे ट्रैक करने की प्रक्रिया तेज की।
जॉय हुकिल का एक्शन—गुलदार ढेर
बुधवार देर रात जॉय हुकिल ने अपने अनुभव और कौशल का परिचय देते हुए गुलदार को ट्रैक कर ढेर कर दिया। इस कार्रवाई के बाद गांव में कई दिनों से व्याप्त भय कम हुआ और लोगों ने राहत की सांस ली। ग्रामीणों का कहना है कि उनके लिए यह कदम जीवन रक्षक साबित हुआ।
डीएफओ पौड़ी का बयान
वन डीएफओ पौड़ी अभिमन्यु सिंह ने बताया:
- मारा गया गुलदार लगभग 5 वर्ष की मादा है।
- घटनास्थल और आसपास लगे ट्रैप कैमरों में जो गुलदार कैद हो रहा था, वही गुलदार मारा गया है।
- गुलदार को रेस्क्यू कर नागदेव रेंज पौड़ी लाया गया है, जहां उसकी विस्तृत जांच करवाई जाएगी।
गुलदार के मारे जाने के बाद गांव में दहशत का माहौल काफी हद तक शांत हुआ है। ग्रामीणों ने वन विभाग और शूटरों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि अब वे कुछ हद तक सुरक्षित महसूस कर रहे हैं।







