जिला अस्पताल की मोर्चरी में रखे शव को चूहों द्वारा कुतरने के गंभीर मामले में जांच रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंप दी गई है। रिपोर्ट के आधार पर डीएम मयूर दीक्षित ने जिला अस्पताल के सीएमएस, पोस्टमार्टम इंचार्ज और मोर्चरी के रखरखाव की जिम्मेदारी संभालने वाली ठेकेदार एजेंसी को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
जांच रिपोर्ट में शुरुआती स्तर पर ही ठेकेदार एजेंसी की लापरवाही सामने आई है। बताया गया है कि मोर्चरी में लगे कई डीप फ्रीजर खराब हालत में थे। जिस डीप फ्रीजर में शव रखा गया था, उसका ढक्कन भी सही स्थिति में नहीं था, जिसके चलते चूहों का प्रवेश संभव हो सका। डीएम ने स्पष्ट किया है कि नोटिस का जवाब मिलने के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
यह पूरा मामला पंजाबी धर्मशाला के मैनेजर 36 वर्षीय लक्की शर्मा उर्फ लखन की मौत से जुड़ा है। बीती पांच दिसंबर की रात अचानक तबीयत बिगड़ने पर परिजन उन्हें एम्बुलेंस के जरिए जिला अस्पताल लेकर पहुंचे थे, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए पीएम हाउस की मोर्चरी में रखा गया था।
परिजनों का आरोप है कि पोस्टमार्टम हाउस में भारी लापरवाही के चलते चूहों ने शव को कई स्थानों से कुतर दिया और एक आंख को गंभीर रूप से नुकसान पहुंचाया। इस हृदयविदारक घटना के सामने आते ही मृतक के परिजनों में आक्रोश फैल गया और जिला अस्पताल में जमकर हंगामा हुआ। गुस्साए लोगों ने अस्पताल में तोड़फोड़ भी की, वहीं कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भी जिला अस्पताल के बाहर प्रदर्शन कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी ने तत्काल एडीएम की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय जांच समिति का गठन किया था। जांच समिति ने अपनी विस्तृत रिपोर्ट डीएम को सौंप दी है, जिसमें मोर्चरी प्रबंधन में लापरवाही की पुष्टि की गई है। इसी आधार पर सीएमएस, पोस्टमार्टम इंचार्ज और ठेकेदार एजेंसी को नोटिस जारी किए गए हैं।
बताया जा रहा है कि डीएम मयूर दीक्षित इस पूरे मामले को बेहद गंभीरता से ले रहे हैं। यदि नोटिस का संतोषजनक जवाब नहीं मिला, तो दोषियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने सहित कड़ी कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। उधर मृतक के परिजनों और पंजाबी समाज के लोगों ने भी दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाने की मांग दोहराई है।







