हरिद्वार:
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के तहत जनपद हरिद्वार में सरकारी जमीनों पर हुए अवैध कब्जों के खिलाफ प्रशासन की कार्रवाई लगातार तेज होती जा रही है। इसी क्रम में शनिवार को श्यामपुर कांगड़ी क्षेत्र में ग्राम समाज की करीब 10 बीघा सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया गया। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देश पर यह कार्रवाई भारी पुलिस बल की मौजूदगी में की गई, जहां अवैध निर्माणों को हटाने के लिए जेसीबी मशीनों का सहारा लिया गया।
प्रशासन द्वारा की गई इस कार्रवाई के तहत लंबे समय से ग्राम समाज की भूमि पर किए गए अतिक्रमण को पूरी तरह हटाया गया। डीएम मयूर दीक्षित ने स्पष्ट किया है कि सरकारी जमीनों पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।
एसडीएम जितेंद्र कुमार ने की कार्रवाई की अगुवाई:
मुख्यमंत्री के आदेशों के अनुपालन में जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देश पर हरिद्वार के एसडीएम जितेंद्र कुमार स्वयं मौके पर पहुंचे और कार्रवाई की निगरानी की। ग्राम समाज की भूमि पर किए गए अवैध अतिक्रमण को हटाने के दौरान जेसीबी मशीनें जमकर गरजीं। इस दौरान हरिद्वार तहसील के कई कर्मचारी मौके पर मौजूद रहे, जबकि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी पुलिस बल भी तैनात किया गया।
अतिक्रमण पर बुलडोजर से पहले दिए गए नोटिस:
डीएम मयूर दीक्षित के अनुसार जनपद में जहां-जहां सरकारी भूमि पर अतिक्रमण किया गया है, वहां पहले नोटिस जारी कर संबंधित लोगों को स्वयं अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए जा रहे हैं। श्यामपुर कांगड़ी क्षेत्र में भी ग्राम समाज की सरकारी भूमि पर अतिक्रमण करने वालों को पहले ही नोटिस दिए गए थे। चेतावनी के बावजूद जब अतिक्रमण नहीं हटाया गया, तो प्रशासन को बुलडोजर चलाकर कार्रवाई करनी पड़ी।
कुंभ मेला भूमि होगी अतिक्रमण मुक्त:
प्रशासन का कहना है कि हरिद्वार में सिंचाई विभाग की भूमि पर भी बड़े पैमाने पर अवैध कब्जे किए गए हैं। गंगा किनारे कई स्थानों पर अवैध झुग्गी-झोपड़ियां बनी हुई हैं, जहां से अवैध गतिविधियों की शिकायतें सामने आती रही हैं। इन मामलों को लेकर कई बार उच्च स्तरीय बैठकों में चर्चा हो चुकी है। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने साफ शब्दों में कहा है कि अवैध अतिक्रमण किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
डीएम ने बताया कि जल्द ही कुंभ मेला भूमि को भी अतिक्रमण मुक्त कराया जाएगा। इसके लिए उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड सिंचाई विभाग के अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी कर दिए गए हैं। प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में हरिद्वार में अतिक्रमण के खिलाफ और भी बड़े स्तर पर कार्रवाई देखने को मिलेगी।







