ऋषिकेश के लक्ष्मणझूला थाना क्षेत्र अंतर्गत कुनाऊं गांव में कथित रूप से अवैध रूप से मदरसे की शिक्षा दिए जाने को लेकर हिंदू संगठनों का आक्रोश देखने को मिला। हिंदू संगठनों ने एक दुकान के भीतर धार्मिक शिक्षा कराए जाने का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया और मौलवी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की।
हंगामे के दौरान मौलवी के समर्थन में पहुंचे लोगों और हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं के बीच तीखी नोकझोंक हुई, जो कुछ समय के लिए हाथापाई की स्थिति तक पहुंच गई। हालांकि मौके पर पहुंची पुलिस और स्थानीय लोगों की मध्यस्थता से मामला बिगड़ने से बच गया। पुलिस ने दोनों पक्षों को शांत कराते हुए स्थिति को नियंत्रण में लिया।
हिंदू संगठनों ने आरोप लगाया कि संबंधित मौलवी का पुलिस सत्यापन नहीं कराया गया है। साथ ही मौलवी के आधार कार्ड में दर्ज नाम, पता और जन्मतिथि को लेकर भी संशय जताया गया है। संगठनों का कहना है कि इस तरह बिना सत्यापन के धार्मिक शिक्षा देना कानूनन गलत है और इससे कानून व्यवस्था प्रभावित हो सकती है।
लक्ष्मणझूला थाना प्रभारी भुवन चंद पुजारी ने बताया कि हिंदू संगठनों द्वारा लगाए गए सभी आरोपों की जांच की जाएगी। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मौलवी को किसी भी प्रकार से अवैध रूप से मदरसे की शिक्षा नहीं देने की हिदायत दी गई है।
बजरंग दल के नरेश उनियाल और राष्ट्रीय हिंदू शक्ति संगठन के प्रदेश अध्यक्ष राघवेंद्र भटनागर ने बताया कि गांव में पहले एक मदरसा संचालित होता था, जिसे न्यायालय के आदेश पर बंद कर दिया गया है। उनका आरोप है कि मदरसा बंद होने के बावजूद उससे जुड़ी शिक्षा पास की एक दुकान में अवैध रूप से बच्चों को दी जा रही है, जो पूरी तरह गलत है।
हिंदू संगठनों ने मौलवी के गृह क्षेत्र और वर्तमान थाने से सत्यापन न होने को भी गंभीर सवाल बताया है। पुलिस मामले को लेकर पूरी सतर्कता बरत रही है और जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई की बात कही है। फिलहाल क्षेत्र में स्थिति सामान्य बनी हुई है और पुलिस की निगरानी जारी है।







