देहरादून: राजकीय दून मेडिकल कॉलेज में सामने आए रैगिंग और मारपीट के गंभीर मामले में कॉलेज प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। प्रकरण में एमबीबीएस के कुल नौ छात्रों को तीन महीने के लिए अकादमिक गतिविधियों से निष्कासित कर दिया गया है। इनमें से दो छात्रों पर 50-50 हजार रुपये का आर्थिक दंड लगाने के साथ ही उन्हें छात्रावास से स्थायी रूप से निष्कासित किया गया है।
रैगिंग की घटना सामने आने के बाद दून मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने कैंपस में सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी को और कड़ा कर दिया है। प्रशासन ने एंटी रैगिंग सेल को सुबह और शाम पूरे परिसर में नियमित राउंड लेने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही छात्रावासों में तैनात सुरक्षा गार्डों की ड्यूटी में भी बदलाव किया गया है। एमबीबीएस फर्स्ट ईयर के छात्रावास के बाहर अतिरिक्त सुरक्षा कर्मियों की नियमित तैनाती कर दी गई है।
मेडिकल कॉलेज की प्राचार्य डॉ. गीता जैन ने हॉस्टल के मुख्य वार्डन, अन्य वार्डनों और एंटी रैगिंग सेल को दोबारा सक्रिय करते हुए सख्त हिदायतें दी हैं। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि भविष्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही या चूक को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
दून मेडिकल कॉलेज के मीडिया इंचार्ज एवं नेत्र विभाग के एचओडी डॉ. सुशील ओझा ने बताया कि जिन सात अन्य छात्रों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है, एंटी रैगिंग सेल की जांच में यह सामने आया कि ये छात्र किसी न किसी रूप में अन्य छात्रों को परेशान करते थे। हालांकि इन छात्रों पर सीधे मारपीट का आरोप नहीं पाया गया, लेकिन ईव टीजिंग जैसी गतिविधियों में संलिप्त पाए जाने के बाद इनके खिलाफ भी कार्रवाई की गई है। उन्होंने कहा कि कॉलेज प्रशासन यह स्पष्ट संदेश देना चाहता है कि केवल मारपीट ही नहीं, बल्कि रैगिंग से जुड़ी छोटी से छोटी घटना को भी गंभीरता से लेते हुए सख्त कदम उठाए जाएंगे।
क्या है पूरा मामला:
राजकीय दून मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस 2025 बैच के एक छात्र के साथ रैगिंग और मारपीट की घटना सामने आई थी। आरोप है कि पीड़ित छात्र की पिटाई उसी बैच के एक छात्र ने 2023 और 2024 बैच के दो सीनियर छात्रों के दबाव में की। मामला उजागर होने के बाद कॉलेज प्रशासन ने दोनों सीनियर छात्रों के अभिभावकों को तलब किया और जांच एंटी रैगिंग कमेटी को सौंपी गई।
जांच के बाद पुरुष छात्रावास के चीफ वार्डन द्वारा दो छात्रों को हॉस्टल से निष्कासित किया गया। अब आगे की कार्रवाई करते हुए कॉलेज प्रशासन ने कुल नौ छात्रों को तीन महीने के लिए निष्कासित करने के साथ ही कुछ छात्रों पर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। कॉलेज प्रशासन की इस कार्रवाई को रैगिंग के खिलाफ कड़ा और स्पष्ट संदेश माना जा रहा है।







