उत्तराखंड में मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है, जिससे प्रदेश के पर्वतीय जिलों में बारिश और बर्फबारी के कारण ठंड में खासा इजाफा हो गया है। मौसम विभाग की भविष्यवाणी एक बार फिर सही साबित हुई है। टिहरी जिले के धनौल्टी में सीजन की दूसरी बर्फबारी दर्ज की गई, जिससे जहां एक ओर ठंड बढ़ गई है, वहीं दूसरी ओर सैलानियों और स्थानीय व्यवसायियों के चेहरे खिल उठे हैं।
मौसम विभाग के अनुसार, आज हरिद्वार और उधम सिंह नगर जनपदों में कहीं-कहीं घना कोहरा छाए रहने की संभावना है। इसे देखते हुए मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी करते हुए लोगों को सतर्क रहने की अपील की है। बीते कुछ दिनों से प्रदेश भर में ठंड बढ़ती जा रही है और मैदानी इलाकों में भी सर्द हवाओं और कोहरे का असर साफ नजर आ रहा है।
पर्वतीय इलाकों में बर्फबारी, मैदानी क्षेत्रों में कोहरे का असर
उत्तराखंड के हिल स्टेशनों में मौसम के तेवर बदलने से जनजीवन प्रभावित हो रहा है। लोग ठंड से बचने के लिए अलाव का सहारा ले रहे हैं। पर्वतीय क्षेत्रों में बर्फ जमने से सड़कों पर फिसलन बढ़ गई है, जिससे हल्की सी लापरवाही भी हादसों का कारण बन सकती है। देहरादून में भी शीतलहर का असर बना हुआ है। सुबह के समय मैदानी क्षेत्रों में कोहरा छाया रहा, वहीं आसमान में काले बादल मंडराते नजर आए।
ऊंचाई वाले इलाकों में एवलॉन्च की चेतावनी
उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (यूएसडीएमए) ने डिफेंस जियोइन्फॉर्मेटिक्स रिसर्च एस्टेब्लिशमेंट (डीजीआरई), चंडीगढ़ के हवाले से जानकारी दी है कि 29 जनवरी शाम 5 बजे तक राज्य के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी और हिमस्खलन (एवलॉन्च) की संभावना बनी हुई है।
इसके तहत चमोली, रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़ और उत्तरकाशी जनपदों को डेंजर लेवल-3, जबकि बागेश्वर को डेंजर लेवल-1 में रखा गया है।
धनौल्टी में बर्फबारी का सैलानी ले रहे आनंद
वहीं, टिहरी जनपद के प्रसिद्ध पर्यटक स्थल धनौल्टी में बर्फबारी का दौर जारी है। चारों ओर सफेद चादर बिछने से क्षेत्र का नजारा बेहद मनमोहक हो गया है। बर्फबारी का आनंद लेने के लिए पहुंचे सैलानी तस्वीरें और वीडियो बनाते नजर आ रहे हैं। स्थानीय कारोबारियों को भी उम्मीद है कि बर्फबारी से पर्यटन गतिविधियों में तेजी आएगी।
मौसम विभाग और प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे मौसम से जुड़ी चेतावनियों को गंभीरता से लें, अनावश्यक यात्रा से बचें और पहाड़ी क्षेत्रों में जाते समय विशेष सावधानी बरतें।







