उत्तराखंड के ऊंचाई वाले इलाकों में लगातार हो रही बर्फबारी से जनजीवन प्रभावित हो गया है। उच्च हिमालयी क्षेत्रों में रुक-रुककर बर्फबारी और मैदानी इलाकों में बारिश के कारण तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है। कड़ाके की ठंड से बचने के लिए लोग रूम हीटर, अलाव और अंगीठी का सहारा ले रहे हैं, लेकिन जरा-सी लापरवाही इन साधनों को जानलेवा बना रही है।
ताजा मामला उत्तरकाशी जिले के हर्षिल थाना क्षेत्र का है, जहां झाला में एक होटल में काम करने वाले युवक की अंगीठी के धुएं से दम घुटने के कारण मौत हो गई। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरते हुए आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
ठंड से बचने के लिए जलाई अंगीठी, बन गई जानलेवा
हर्षिल थाना पुलिस के अनुसार, 25 वर्षीय महेश, निवासी हीना झाला, झाला स्थित एक होटल में कार्यरत था। 27 जनवरी की रात क्षेत्र में बर्फबारी के चलते तापमान काफी नीचे चला गया था। ठंड से बचने के लिए महेश ने अपने कमरे में अंगीठी जलाई और उसी हालत में सो गया। देर तक बाहर न आने पर सुबह होटल में ठहरे यात्रियों को शक हुआ, जिसके बाद उन्होंने होटल स्वामी को इसकी सूचना दी।
स्थानीय लोगों के साथ होटल कर्मियों ने महेश के कमरे का दरवाजा तोड़ा तो देखा कि कमरे में अंगीठी का धुआं भरा हुआ था और महेश अचेत अवस्था में पड़ा था। जांच करने पर उसकी सांसें थमी हुई पाई गईं।
अस्पताल पहुंचाया गया, डॉक्टरों ने किया मृत घोषित
घटना की सूचना मिलते ही हर्षिल थाना पुलिस मौके पर पहुंची और युवक को अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने आवश्यक पंचनामा और पोस्टमॉर्टम की कार्रवाई पूरी करने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया। घटना के बाद से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है।
हर्षिल थाना प्रभारी सुनील तोमर ने बताया कि युवक होटल में काम करता था और मंगलवार देर रात अंगीठी जलाकर सो गया था, जिससे दम घुटने के कारण उसकी मौत हो गई। पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है।
पहले भी हो चुके हैं ऐसे हादसे
गौरतलब है कि इससे पहले भी उत्तरकाशी के चामकोट गांव में डुंडा निवासी एक युवक की कमरे में अंगीठी जलाने से गैस भर जाने के कारण दम घुटने से मौत हो चुकी है। वहीं, दूसरे युवक को समय रहते पुलिस और स्थानीय लोगों ने एंबुलेंस की मदद से जिला अस्पताल पहुंचाया था, जहां उसका इलाज अभी आईसीयू में चल रहा है। दोनों युवक चामकोट गांव में लंबे समय से एक निर्माणाधीन भवन पर मिस्त्री का काम कर रहे थे।
प्रशासन और पुलिस ने लोगों से अपील की है कि ठंड से बचाव के लिए अंगीठी या बंद कमरे में जलने वाले साधनों का उपयोग करते समय विशेष सावधानी बरतें, ताकि इस तरह की दुखद घटनाओं से बचा जा सके।







