हरिद्वार: उत्तराखंड के हरिद्वार जिले में BAMS (बैचलर ऑफ आयुर्वेदिक मेडिसिन एंड सर्जरी) के एक छात्र की आत्महत्या के मामले ने तूल पकड़ लिया है। घटना के बाद ऋषिकुल आयुर्वेद कॉलेज में छात्रों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए कॉलेज और विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। आक्रोशित छात्रों ने कॉलेज परिसर में तालाबंदी भी कर दी।
परीक्षा के बाद लापता हुआ छात्र, गंगा में मिला शव
जानकारी के अनुसार, ऋषिकुल आयुर्वेद कॉलेज के BAMS सेकेंड ईयर के 23 वर्षीय छात्र यशपाल ने 7 फरवरी को कथित रूप से आत्महत्या कर ली थी। वह बीते शनिवार सुबह अपने कमरे से निकला था, लेकिन देर रात तक वापस नहीं लौटा। परिजनों और साथियों की चिंता बढ़ने पर कमरे की तलाशी ली गई, जहां से एक नोट बरामद हुआ। नोट में उसने अपनी मानसिक स्थिति और हताशा का जिक्र किया था।
लगातार खोजबीन के बाद 14 फरवरी को पथरी पावर हाउस के पास गंगा से एक युवक का शव बरामद हुआ, जिसकी पहचान यशपाल के रूप में हुई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर मेला अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिया है और गोरखपुर में रह रहे परिजनों को सूचना दे दी है।
छात्रों का आरोप: परीक्षा में देरी से बढ़ रहा तनाव
घटना के बाद छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा। प्रदर्शन कर रहे छात्रों का कहना है कि विश्वविद्यालय में समय पर परीक्षाएं नहीं हो पा रही हैं, जिससे डिग्री पूरी होने में 6 से 7 साल तक लग रहे हैं। उनका आरोप है कि इसी शैक्षणिक अनिश्चितता और तनाव के कारण छात्र मानसिक दबाव में आ रहे हैं।
छात्रों का कहना है कि उत्तराखंड आयुर्वेद विश्वविद्यालय से संबद्ध सभी कॉलेजों के छात्र इस समस्या से जूझ रहे हैं। उन्होंने मामले की निष्पक्ष और गहन जांच की मांग की है, ताकि आत्महत्या के पीछे के वास्तविक कारणों और किसी संभावित दबाव की स्थिति स्पष्ट हो सके।
कॉलेज प्रबंधन का पक्ष
ऋषिकुल आयुर्वेद कॉलेज के हेड अनूप गक्खड़ ने बताया कि छात्र का 2022 में प्रवेश हुआ था और वह सेकेंड ईयर का विद्यार्थी था। उसकी दो विषयों में सप्लीमेंट्री थी और हालिया सप्लीमेंट्री परीक्षा का पेपर अच्छा नहीं गया था, जिसका तनाव वह झेल नहीं पाया। उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रक्रिया विश्वविद्यालय द्वारा निर्धारित होती है और कुछ तकनीकी कारणों से मूल्यांकन प्रक्रिया में समय लग जाता है।
पुलिस कर रही जांच
एसपी सिटी अभय सिंह ने बताया कि सुसाइड नोट के आधार पर प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और मामले की गहन जांच की जा रही है।
आत्महत्या समाधान नहीं है
यदि किसी के मन में आत्महत्या के विचार आ रहे हैं या आप किसी मित्र को लेकर चिंतित हैं, तो तुरंत मदद लें। आप 24×7 उपलब्ध स्नेहा फाउंडेशन हेल्पलाइन 044-24640050 पर संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज की हेल्पलाइन 9152987821 (सोमवार से शनिवार, सुबह 8 बजे से रात 10 बजे तक) पर भी सहायता उपलब्ध है।
मानसिक तनाव की स्थिति में चुप न रहें—बात करना और मदद लेना ही पहला और सबसे महत्वपूर्ण कदम है।







