देहरादून: उत्तराखंड में बढ़ती आपराधिक घटनाओं और कानून व्यवस्था को लेकर कांग्रेस ने शनिवार को पुलिस मुख्यालय (PHQ) का घेराव किया। सैकड़ों कार्यकर्ताओं के साथ पार्टी के कई वरिष्ठ नेता प्रदर्शन में शामिल हुए। कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यदि स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो 16 फरवरी को राजभवन का घेराव किया जाएगा।
बैरिकेडिंग पर टकराव, जमकर नारेबाजी
कांग्रेस कार्यकर्ता राजपुर रोड स्थित प्रदेश मुख्यालय में एकत्रित हुए और प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल के नेतृत्व में पैदल मार्च करते हुए पुलिस मुख्यालय की ओर बढ़े। सुभाष रोड पर पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर जुलूस को रोक दिया। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की भी हुई। कुछ कार्यकर्ता बैरिकेडिंग पार कर गए, लेकिन आगे दूसरी बैरिकेडिंग पर उन्हें रोक लिया गया।
प्रदर्शन के दौरान चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत, चुनाव प्रचार समिति के अध्यक्ष प्रीतम सिंह, विधायक लखपत बुटोला सहित कई नेता बैरिकेडिंग पर चढ़ गए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
गणेश गोदियाल ने आरोप लगाया कि राज्य की कानून व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। उन्होंने कहा कि सरकार भ्रष्टाचार में व्यस्त है और पुलिस जनता के मुद्दों की बजाय “सरकारी कारिंदों” के निजी मसलों में उलझी है। उन्होंने इसे सरकार को चेताने के लिए “सांकेतिक ज्ञापन” का कार्यक्रम बताया और कहा कि 16 फरवरी को कांग्रेस भारी संख्या में राजभवन घेराव करेगी।
हरक सिंह रावत ने कहा कि बढ़ते अपराधों ने देवभूमि की छवि को धूमिल किया है। उनका कहना था कि देहरादून को शिक्षा नगरी और शांत शहर के रूप में जाना जाता रहा है, लेकिन अब दिनदहाड़े अपराध और फायरिंग की घटनाएं सामने आ रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अपराध रोकने के बजाय प्रशासन अन्य मामलों में व्यस्त है, जिससे अपराधियों के हौसले बुलंद हो रहे हैं।
राजनीतिक माहौल गरमाया
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। पार्टी का कहना है कि प्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिति चिंताजनक है और यदि सरकार ने प्रभावी कदम नहीं उठाए तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
अब 16 फरवरी को प्रस्तावित राजभवन घेराव को लेकर राजनीतिक माहौल और गरमाने के संकेत मिल रहे हैं।







