रुद्रपुर के गांधी मैदान में आयोजित सरस आजीविका मेले के उद्घाटन समारोह में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भावुक नजर आए। अपने संबोधन के दौरान उन्होंने राजनीतिक जीवन के शुरुआती संघर्षों को याद करते हुए काशीपुर बाईपास पर लगने वाले ‘रस्तोगी राजमा चावल’ के ठेले का जिक्र किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब वे राजनीति के प्रारंभिक दौर में रुद्रपुर आया करते थे, तब उनके पास अधिक पैसे नहीं होते थे कि बड़े होटलों में भोजन कर सकें। ऐसे में वे राजाराम रस्तोगी के ठेले पर जाकर 10 रुपये में एक प्लेट राजमा-चावल खाया करते थे, जिससे उनका पेट भर जाता था।
कार्यक्रम के दौरान जानकारी मिली कि ठेले के संचालक राजाराम रस्तोगी भी समारोह में मौजूद हैं। इस पर मुख्यमंत्री ने उन्हें मंच पर बुलाकर सम्मानित किया। मुख्यमंत्री से मुलाकात के दौरान राजाराम रस्तोगी भावुक हो गए और उन्होंने सीएम को दोबारा अपने ठेले पर आने का निमंत्रण दिया। मुख्यमंत्री ने भी जल्द ही ठेले पर पहुंचकर राजमा-चावल खाने का आश्वासन दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि रुद्रपुर से उनका विशेष लगाव है। कुछ लोग उन्हें यहां से चुनाव लड़ने की सलाह देते हैं, लेकिन उन्होंने स्पष्ट किया कि वे पूरे प्रदेश की 70 विधानसभा सीटों से चुनाव लड़ रहे हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि इस बार पिछली बार की तुलना में अधिक सीटें जीतने में सफलता मिलेगी।
राजाराम रस्तोगी ने बताया कि जब मुख्यमंत्री धामी युवा मोर्चा की राजनीति में सक्रिय थे, तभी से वे उनके ठेले पर आते रहे हैं। पहली बार मुख्यमंत्री बनने के बाद भी वे रुद्रपुर पहुंचते ही अचानक उनके ठेले पर आ गए थे, जिसे वे कभी नहीं भूल सकते।
सरस आजीविका मेले के मंच से संघर्ष के दिनों का जिक्र और एक साधारण ठेला संचालक को सम्मानित किए जाने का यह दृश्य कार्यक्रम में उपस्थित लोगों के लिए भावुक पल बन गया। यह आयोजन विकास और आजीविका के साथ-साथ सादगी और संघर्ष की मिसाल भी पेश कर गया।







