हरिद्वार: धर्मनगरी हरिद्वार में होली की धूम के बीच रोशनाबाद स्थित जिला कारागार भी रंगों से सराबोर नजर आया। श्री अखंड परशुराम अखाड़ा के सौजन्य से आयोजित होली मिलन समारोह में जेल में निरुद्ध बंदियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान बंदियों ने एक-दूसरे को अबीर-गुलाल लगाकर पर्व की शुभकामनाएं दीं और प्रेम, भाईचारे व सौहार्द का संदेश दिया।
जेल प्रशासन की देखरेख में आयोजित इस कार्यक्रम में सुरक्षा व्यवस्था का विशेष ध्यान रखा गया। समारोह के दौरान सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी हुईं। भक्ति गीतों और पारंपरिक होली गीतों पर बंदी झूमते नजर आए, जिससे कारागार परिसर में उत्सव का माहौल बन गया।
वरिष्ठ जेल अधीक्षक मनोज आर्य ने कहा कि कारागार में समय-समय पर धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, ताकि बंदियों के मानसिक संतुलन को मजबूत किया जा सके। उन्होंने कहा कि होली आपसी प्रेम और सौहार्द का पर्व है। ऐसे आयोजनों से बंदियों में सकारात्मक सोच विकसित होती है और वे अपने अतीत की गलतियों से सीख लेकर मुख्यधारा से जुड़ने के लिए प्रेरित होते हैं।
अखाड़े के अध्यक्ष पंडित अधीर कौशिक ने जेल प्रशासन की पहल को सराहनीय बताया। उन्होंने कहा कि वे पिछले तीन वर्षों से जिला कारागार में त्योहारों के अवसर पर कार्यक्रम आयोजित करते आ रहे हैं। धार्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियां बंदियों में आत्मचिंतन की भावना जगाती हैं और उन्हें अपराध की प्रवृत्ति से दूर रहने की प्रेरणा देती हैं।
महामंडलेश्वर विश्वपुरी महाराज ने कहा कि रंगों का यह पर्व भेदभाव मिटाकर एक-दूसरे को अपनाने की सीख देता है। जब कारागार जैसे स्थान पर भी प्रेम और सद्भाव का वातावरण बनता है तो यह समाज के लिए सकारात्मक संदेश है। उन्होंने कहा कि सुधार ही कारागार का मूल उद्देश्य है और ऐसे आयोजन उसी दिशा में सार्थक कदम साबित होते हैं।







