गैरसैंण: 9 मार्च से प्रस्तावित बजट सत्र को लेकर भराड़ीसैंण स्थित विधानसभा परिसर में तैयारियां जोरों पर हैं, लेकिन इन तैयारियों का खामियाजा गैरसैंण नगरवासियों को भुगतना पड़ रहा है। माननीयों के आगमन से पहले बिजली व्यवस्था दुरुस्त रखने के लिए ऊर्जा निगम दिन-रात काम में जुटा है, वहीं पिछले दो दिनों से नगर के अधिकांश हिस्से अंधेरे में डूबे हुए हैं।
दरअसल, भराड़ीसैंण विधानसभा परिसर क्षेत्र में सत्र के दौरान किसी भी प्रकार का व्यवधान न हो, इसके लिए 33 और 11 केवी विद्युत लाइनों को दूरस्थ रखने के तकनीकी कार्य किए जा रहे हैं। इसी दौरान गैरसैंण नगर के फीडर में तकनीकी खामी आ गई, जिससे विद्युत आपूर्ति ठप हो गई।
ऊर्जा निगम ने 28 फरवरी की सुबह से दो दर्जन से अधिक कर्मचारियों को मरम्मत कार्य में लगा रखा है, लेकिन 26 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बाद भी स्थिति पूरी तरह सामान्य नहीं हो पाई है।
विद्यार्थियों और व्यापारियों पर असर
अनियमित बिजली आपूर्ति का सबसे ज्यादा असर बोर्ड परीक्षा की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों पर पड़ रहा है। अंधेरे में पढ़ाई करना उनके लिए बड़ी चुनौती बन गया है।
वहीं, स्थानीय व्यापार भी प्रभावित हो रहा है। निर्माणाधीन कोतवाली के पास से गुजर रही 11 केवी लाइन में आई दिक्कत के कारण कई क्षेत्रों में आपूर्ति पूरी तरह बाधित है, जबकि कुछ जगहों पर बिजली आ-जा रही है।
आइसक्रीम विक्रेता विनोद पंवार ने बताया कि गर्मियों के सीजन को देखते हुए उन्होंने बड़ी मात्रा में आइसक्रीम मंगाई थी, लेकिन दो दिन से बिजली न होने के कारण करीब डेढ़ लाख रुपये का नुकसान हो गया।
प्रिंटिंग प्रेस संचालक दिनेश नेगी का कहना है कि शादियों का सीजन शुरू होने वाला है, लेकिन बिजली कटौती के कारण कार्ड छपाई समेत कई जरूरी काम ठप पड़े हैं।
विभाग का क्या कहना है?
विद्युत विभाग के अधीक्षण अभियंता शैलेंद्र बिष्ट ने बताया कि विधानसभा फीडर पर काम के दौरान नगर फीडर में तकनीकी दिक्कत आ गई थी। मरम्मत कार्य तेजी से किया जा रहा है और जल्द ही व्यवस्था सुचारू कर दी जाएगी।
फिलहाल, ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण के लोगों को उम्मीद है कि बजट सत्र से पहले न सिर्फ विधानसभा परिसर, बल्कि पूरे नगर की बिजली व्यवस्था भी पूरी तरह पटरी पर लौट आएगी।







