मसूरी: पहाड़ों की रानी मसूरी में शनिवार देर शाम हुई बारिश के बाद मौसम का मिजाज एक बार फिर बदल गया। बारिश के चलते तापमान में गिरावट दर्ज की गई, जिससे शहर में ठंड बढ़ गई है। ठंड के कारण लोगों को एक बार फिर गर्म कपड़ों का सहारा लेना पड़ा। मार्च के महीने में हुई इस बारिश से जहां ठंड लौट आई है, वहीं किसानों के चेहरों पर भी खुशी दिखाई दे रही है।
क्षेत्र के काश्तकारों का कहना है कि लंबे समय से बारिश नहीं होने के कारण फसलों को नुकसान होने की आशंका बढ़ रही थी। ऐसे में समय पर हुई इस बारिश से फसलों की वृद्धि और उत्पादन बेहतर होने की उम्मीद जगी है। किसानों का मानना है कि यह बारिश खेती के लिए काफी फायदेमंद साबित हो सकती है।
मौसम में आए इस बदलाव का असर पर्यटन कारोबार पर भी पड़ने की संभावना जताई जा रही है। पहाड़ों की रानी मसूरी में ठंड और सुहावने मौसम का आनंद लेने के लिए हर साल बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं। इन दिनों मैदानी इलाकों में तापमान बढ़ना शुरू हो गया है, ऐसे में पर्यटकों का रुख एक बार फिर मसूरी की ओर बढ़ सकता है।
पर्यटन कारोबार से जुड़े लोगों का कहना है कि मौसम में आई इस ठंडक से आने वाले दिनों में होटल, रेस्टोरेंट और अन्य पर्यटन व्यवसायों में रौनक बढ़ने की उम्मीद है। खासकर वीकेंड और छुट्टियों के दौरान बड़ी संख्या में देश-विदेश से पर्यटक मसूरी पहुंच सकते हैं।
मौसम के अचानक बदले मिजाज ने एक ओर जहां ठंड का एहसास बढ़ा दिया है, वहीं दूसरी ओर किसानों और पर्यटन कारोबारियों के लिए उम्मीद की नई किरण भी जगा दी है। बारिश के बाद मसूरी में छाई ठंड और ताजा मौसम का आनंद लेने के लिए आने वाले दिनों में पर्यटकों की संख्या बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।
वहीं मौसम विभाग ने उत्तराखंड के उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों में कहीं-कहीं बारिश की संभावना जताई है। इसके साथ ही गरज-चमक और आकाशीय बिजली के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने की संभावना भी जताई गई है। मौसम विभाग ने इन परिस्थितियों को देखते हुए संबंधित क्षेत्रों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।







