देहरादून: राजधानी के रायपुर थाना क्षेत्र में रिस्पना नदी किनारे एक खंडहर से युवती का शव मिलने के मामले में पुलिस जांच तेज कर दी गई है। मृतका की पहचान 26 वर्षीय शिवानी अरोड़ा के रूप में हुई है। हालांकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत के स्पष्ट कारणों का खुलासा नहीं हो सका है, लेकिन प्राथमिक तौर पर पुलिस नशे के ओवरडोज को ही मौत की वजह मान रही है।
सोमवार को चूना भट्टा क्षेत्र में स्थित एक खंडहर मकान से शिवानी का शव बरामद हुआ था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार शरीर पर किसी तरह के बाहरी चोट या हमले के निशान नहीं मिले हैं। चेहरे पर जो घाव पाए गए, उन्हें मृत्यु के बाद का माना जा रहा है। आशंका जताई जा रही है कि यह निशान किसी जानवर या जंगली चूहों द्वारा नोचने के कारण हो सकते हैं।
पुलिस के मुताबिक, शिवानी नशे की आदी थी और पहले भी तीन बार नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती रह चुकी थी। उसकी शादी करीब तीन साल पहले गाजियाबाद में हुई थी और उसका एक दो साल का बच्चा भी है। जानकारी के अनुसार, नशा मुक्ति केंद्र से लौटने के बाद वह फिर से नशे की चपेट में आ गई थी और उसे हरिद्वार स्थित केंद्र भेजने की तैयारी चल रही थी।
मामले की जांच के तहत पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली है। फुटेज में शिवानी 13 मार्च को एक व्यक्ति के साथ दिखाई दी है। पूछताछ में सामने आया कि उसने उस व्यक्ति से 500 रुपये ऑनलाइन लिए थे। पुलिस उस व्यक्ति से भी पूछताछ कर रही है।
एसएसपी के अनुसार, शिवानी दो दिन से घर से लापता थी और पोस्टमार्टम में भी शव करीब दो दिन पुराना बताया गया है। मौत के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए विसरा सुरक्षित रखा गया है, जिसकी जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो पाएगी।
इस बीच, स्थानीय लोगों और मृतका की मां ने क्षेत्र में खुलेआम नशे के कारोबार का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि चूना भट्टा इलाके में लंबे समय से नशा बेचा जा रहा है, लेकिन पुलिस की ओर से पर्याप्त कार्रवाई नहीं की जाती।
एसएसपी ने इन आरोपों पर कहा कि क्षेत्र में पहले भी नशा कारोबार से जुड़े लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई है और आगे भी ऐसे तत्वों पर सख्ती जारी रहेगी।
फिलहाल, पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है। मामले ने एक बार फिर शहर में बढ़ते नशे के नेटवर्क और उससे जुड़े खतरों को उजागर कर दिया है।







